Wednesday, 13th December, 2017

यरवदा जेल में ग़मगीन माहौल, उदास हैं मुन्ना भाई

10, May 2015 By fabtifenku

पुणे. पुणे के यरवदा जेल में इन दिनों बहुत ग़मगीन माहौल छाया हुआ है। बताया जा रहा है कि इसकी वजह मुन्ना भाई का जेल में उदास पड़े रहना है।

जेल के सूत्रों ने बताया कि मुन्ना भाई यरवदा जेल के दरवाजे पर बेसब्री से भाईजान का इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने उनके लिए स्पेशल कूड़ा गाडी का इंतज़ाम किया हुआ था। उनका विचार था कि कई सालों बाद वे अपनी भाईजान को कूड़ा गाड़ी में बैठाकर एक बार फिर “चल मेरे भाई” कहते हुए उन्हें अपने साथ जेल के अंदर ले जायेंगे।

मुन्ना भाई ने जेल में उनके लिए विशेष प्रबंध तीन दिन पहले से करवाने शुरू कर दिए थे। उन्होंने साथ में जेलर को भी पटा लिया था कि उनकी गली पैरोल पर भाईजान भी

संजू सल्लू: भाई-भाई; साजन- साजन
संजू सल्लू: भाई-भाई; साजन- साजन

उनके साथ बहार जायेंगे। विशेष तौर पर ताश की गड्डियों, नशे और शराब का भी प्रबंध किया गया था ताकि रात आसानी से काटी जा सके।

इस बारे में वहां के जेलर ने बताया, ” हमे मुन्ना भाई ने विशेष निर्देश दिए थे कि रात को शराब का प्रबंध होना ही चाहिए क्योंकि भाईजान के खून में रात में एल्कोहल की मात्रा घटने लगती है और उसे बरक़रार रखने के लिए शराब निहायत जरुरी है।”

हालाँकि मुन्ना भाई की ये ख़ुशी ज्यादा देर बरक़रार न रह सकी और ईजान को बेल मिल गयी। संजू बाबा थोड़ा खुश थे की सल्लू की बेल मिल गयी लेकिन उन्हें मलाल था कि वह उनके साथ अच्छा वक़्त बिताने से मरहूम रह जायेंगे।

एक साथी कैदी पप्पू हटेला ने बताया, “उस दिन से ही सारे जेल में गम का माहौल है क्योंकि मुन्ना भाई ने जादू की झप्पी देना बंद कर दिया है। जेलर साब ने हमसे और खुद से उन्हें कई बार जादू की झप्पी दी लेकिन उनका गम दूर विफल रहे। अभी हम सब मुन्ना भाई के दुःख की घड़ी में उनके साथ हैं।”

जेलर ने बताया कि उन्होंने मुन्ना भाई को फिर से 25 दिन की पैरोल देने का भी प्रस्ताव दिया लेकिन उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया और जेल में ही दरवाजे पर सुस्त बैठे हैं।

-पत्रकार फब्ती फेंकू, सीधे यरवदा जेल के दरवाजे से