Sunday, 19th November, 2017

वोटिंग मशीन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे BSP कार्यकर्ता EVM की फुल फॉर्म पूछे जाने पर दुम दबा के भागे

17, Apr 2017 By sameer mahawar

मोरादाबाद। जब से उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड़ चुनावों के नतीजे आएं है, तब से ही भारी पस्त खाए बैठे राजनीतिक दल वोटिंग मशीन के साथ छेड़-छाड़ को अपनी हार का कारण बता रहे हैं।

BSP कार्यकर्ता की हालत खराब
BSP कार्यकर्ता की हालत खराब

जो दल खुद बड़े-बड़े धाँधले छिपाये बेठे है, वह भी इलेक्शन कमिशन के खिलाफ धाँधलीबाज़ी का आरोप लगाते हुए बोल रहे हैं की वोटिंग मशीनों के साथ इस प्रकार छेड़-छाड़ की गई है की मतदाता कोई भी बटन दबाए, सरकार भाजपा की ही बनती है।

कार्यकर्ताओं का गुस्सा इतना बढ़ गया है की वह इलेक्शन कमिशन के खिलाफ सडको पर उतर आएं हैं और EVM के पुतले फूँक रहे है।

इसी बीच इनमे से कुछ कार्यकर्ताओं से हमने बात करने की कोशिश की और EVM के बारे जानकारी लेने की कोशिश की।

एक कार्यकर्ता जिसके एक हाथ में केरोसीन की बोत्त्ल थी और दूसरे में खेंनी का पैकेट, मुँह में घुटके की ज़्यादा मात्रा होने के कारण हमसे वार्तालाप नही कर पाए।

फिर हमने एक और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता को पकड़ा और उससे EVM का फुल फॉर्म जानने की कोशिश की। प्रश्न सुनते ही मानो जैसे उसे मीरगी का दोरा पड़ गया और वह आपने हाथ-पैर सुन करा बेठा।

तीसरा प्रदर्शनकारी कान लगाए हमे सुन रहा था और हमारा प्रश्न सुनते ही दुम दबा कर भाग गया।

सुनने में आया है की BSP प्राइवेट इंजिनीरिंग कॉलेजस से छात्रों को अपनी पार्टी में खींच रही है जिस्से की आने वाले मतदान में वह भी मशीनों को अपनी जीत के लिए हैक कर सके। इसके बदले में उन्हें पक्की सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया है।