Saturday, 21st October, 2017

उत्तराखंड के विधायकों ने हरीश रावत से माँगा माइक्रोवेव ओवन और मोबाइल, बिहार से ली प्रेरणा

22, Mar 2016 By Ritesh Sinha

भारत भर में सैकड़ों न्यूज़ चैनल होने के बावजूद ये राज़ आप तक कोई नहीं पहुंचा पाया कि आखिर उत्तराखंड के विधायकों ने हरीश रावत सरकार के खिलाफ बगावत क्यों कर दिया। चूँकि हम दूध के धुले हुए हैं, इसलिए आज उस राज़ से पर्दा उठा ही देंगे, जिसके कारण हरीश रावत सरकार पिछले कुछ दिनों से गवर्नर-गवर्नर खेल रही है। हुआ यूँ की जैसे ही बिहार की नितीश सरकार ने अपने विधायकों को विधान सभा आने के लिए माइक्रोवेव ओवन और मोबाइल, गिफ्ट में दिया वैसे ही उत्तराखंड के सभी विधायकों ने अपने मुख्यमंत्री से मांग कर दी की हमें भी बजट सेशन में आने के लिए कुछ ना कुछ तो गिफ्ट मिलना ही चाहिए।

चलो माइक्रोवेव ओवेन और मोबाइल से भी काश हमारी डूबती हुई नैया बच जाए
“चलो माइक्रोवेव ओवेन और मोबाइल से भी काश हमारी डूबती हुई नैया बच जाए”

जवाब में हरीश रावत ने कहा की बिहार एक महान परंपरा वाला राज्य है, इसलिए हम उसकी बराबरी नहीं कर सकते। इतना सुनते ही सभी विधायक भड़क गए और समर्थन वापस लेने की घोषणा कर दी।

ऐसे ही एक विधायक बबलू पांडे (बदला हुआ नाम) ने हमारे रिपोर्टर को बताया, “जब बिहार के विधायक गिफ्ट पा सकते हैं तो हम क्यों नहीं, हमने सिर्फ माइक्रोवेव ओवन ही तो माँगा था, बेहद सस्ता ! क्या हम इतने सस्ते हो गए हैं ? जो सरकार हमें एक चूल्हा तक नहीं दे पा रही है, उन्हें पता है हमारे घर में चाय बनाने में कितनी तकलीफ होती है? इसीलिए हमने समर्थन वापस ले लिया और “चाय बेचने वाले” की पार्टी में जाकर शामिल हो गए।” ऐसा कहते हुए विधायक जी रोने लगे।

एक और विधायक ने हमें बताया- मेरे पास नोकिया का 1100 मॉडल का फोन है, जिसके लगभग सात बटन काम नहीं करते हैं, अब आप ही बताइए मैंने मोबाइल मांगकर क्या बहुत बड़ा पाप किया था? जब मुख्यमंत्री ने हमें कोई “उत्तर” नहीं दिया तो हमने “खंड-खंड” होने का फैसला कर लिया, अब हमारे राज्य का नाम हमारी पर्सनैलिटी से मैच करता है।”

ऐसा कहते हुए सभी विधायक अपनी गाड़ी में बैठ गए और कांग्रेस की नज़रों से दूर हो गए। बहुत दूर…।