Tuesday, 23rd May, 2017

यू.पी. की हवा से बिहार में चार दिन पहले मनाई गयी दिवाली

26, Oct 2016 By khakshar
बड़े भैया सोच की मुद्रा में
बड़े भैया सोच की मुद्रा में

बिहार में दीपावली के चार दिन पहले ही खील-बताशे बँटने लगे हैं। कही-कही दीये भी जलाए जा रहे हैं। युवक और बालक गण दिवाली के दिन से ज्यादा पठाखे उड़ा रहे हैं। पहले ये आशंका हुई की एक और सर्जिकल-स्ट्राइक की ख़ुशी हैं। फिर लगा की रक्षा मंत्री ने जो भस्माशुर मारा है, प्रेस में, ये उसकी ख़ुशी हैं। लेकिन हिंदुस्तानी आदमी दुसरे के दुःख में खुश नहीं होता, ऐसा समझ आया। फिर क्या ये प्रधान मंत्री के सैनिको को शुभकामना भेजने का चक्कर हैं। इससे ज्यादा पठाखे तो बॉर्डर पे रोज फूटते हैं। आख़िरकार फ़ेकिंग न्यूज़ ने युवकों से बात कर डाली।

उत्साह में कूदते नगीना पाण्डेय बोले, “हम पड़ोसी राज्य को धन्यवाद दे रहे हैं और आशा करते हैं की बिहार में भी वैसा ही होगा।” हम समझ गए की यूपी में शराब और सस्ती हो गयी। समाजवादी छुटभैये नेता आज कल शेर, गम, अकेलापन आदि पर ज्यादा प्रवचन दे रहे हैँ। नगीना जी ने हम फ़ेकिंग न्यूज़ वालो को फिर गलत साबित कर दिया। उन्होंने समझाया “आज नहीं तो कल, बिहार में भी यूपी जैसी परिस्थिति आयेगी। विकास खाली लखनऊ की गलियों में ही रहेगा, ऐसा हो नहीं सकता। उसे पटना आना ही पड़ेगा। इंटेलेक्चुअल और इंडिविडुअलिस्म लड़ाई बिहार में भी आएगी।”

बगल में खड़े और युवक ‘दद्दन राय’ ने बताया की नगीना पाण्डेय पे JNU की नागिन सवार हो गई हैं। कुछ दिन दिल्ली घुम के आए हैं। तबसे बहकी-बहकी बाते करते हैं। रात में तीन बजे उठ के “आजादी-बर्बादी” चिल्लाते हैं। असल में ये दिवाली इस लिए मनाई जा रही हैं कि बिहार में भी यूपी की तरह पारिवारिक क्रांति आ जाए। पड़ोस का झगड़ा अपने घर में पहुँच जाता हैं कभी-कभार। भाई-भतीजा-पिता-पुत्र प्रेम का प्रदर्शन बिहार में हो इसकी आशा बनी हैं। बड़े भाई के कुँवारे रहते हुए छोटे भाई की 44000 वोल्ट का झटका (44000 शादी प्रस्ताव), ये तो अनर्थ हैं। छोटा Deputy मुख्य-मंत्री और बड़ा खाली मंत्री, ये नाइंसाफी हैं। इसका हिसाब हो, हमारी बस इतनी आशा हैं। इसी आशा में की अच्छे  लौटेंगे, ये दिवाली..

“पड़ोस में बँटे खील-बताशा, हमरे घर कब होये तमाशा”