Saturday, 20th January, 2018

उड़ने में असक्षम बूढ़े शक्तिमान का हिजड़ो ने किया घेराव, वसूले हज़ारो रूपये

28, Apr 2015 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन: शक्तिमान का बढ़ता बुढ़ापा तब उनके लिए अभिशाप बन गया जब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कुछ हिजड़ो न केवल उनका घेराव किया बल्कि उन्हें ही नचा कर उनसे ही हज़ारों रूपये की वसूली की । यह घटना तब हुई जब शक्तिमान उर्फ़ पंडित गंगाधर विध्याधर मायाधर ओंकारनाथ शास्त्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर खड़े अपनी मुंबई तक जाने वाली ट्रेन का इंतज़ार कर रहे थे । प्लेटफार्म पर खड़े दुसरे यात्रिओं के बीच-बचाव करने के बाद भी जब हिजड़े नहीं माने तो रेलवे पुलिस को खबर की गयी और तब कहीं जाकर मामला सुलझा । पुलिस इंस्पेक्टर सत्यवादी पांडे ने मीडिया को इस बारे में और जानकारी दी :

“शक्तिमान जी जैसा गोल गोल घूमते थे न, ओ हिजड़ा लोग वही डांस उनको करवाना चाह रहे थे । पहले तो खेलम खेली चल रहा था, पब्लिक भी ताली बजा रहा था, पर बाद में मामला सीरियस हो गया । अब नॉर्मली तो शक्तिमान जी उड़ के निकल लेते थे विलेन लोगो के बीच में से, पर अब का है के बुढा गए हैं बेचारे, उड़ नहीं पाये। तय्यब अल्ली जैसे कई गानो पे गोल गोल घुमा के और उंसके कुछेक हज़ार रूपये लूट लेने के बाद भी वो हिजड़े जब नहीं माने तब हमें खबर की गयी ।

छोड़ देने के लिए रिक्वेस्ट करते हुए शक्तिमान
छोड़ देने के लिए रिक्वेस्ट करते हुए शक्तिमान

अब उस टाइम जब हमें खबर मिली तो हम संडास में थे, पर शक्तिमान जी को बचाना भी ज़रूरी था । कैसे भी रोक-के धो-के फटाफट हम निकले अपना रिवाल्वर लेके । और जैसे ही हम मौके पे पहुंचे तो हवलदारों से दुई दुई डंडा लगवाए सब लोगो के पिछवाड़े पे, हिजड़ों के भी और आस पास के लोगन के भी, तभी जाके माने ससुर के नाती। अब का है के हम ठहरे प्रोफेशनल, ऐसा दुई चार मामला तो डेली का हैंडिल करते हैं न।”, इंस्पेक्टर पांडे ने अपनी शर्ट के कालर को ताव देते हए जानकारी दी।

स्टेशन पर पिछले पच्चीस सालो से कार्यरत भिखारी भीखू जो कि इस वाक्या का चश्मदीद गवाह है, और मौकाए वारदात पर मौजूद था , उसने इस घटना का पूरा ब्यौरा मीडिया को दिया । इस घटना पर रिपोर्टर्स से बातचीत करते हुए उसने बताया – “अजी अब क्या बताऊँ, किसी ज़माने में मैं एक बिजनेसमैन हुआ करता था, फिर ज़िन्दगी ने ऐसे ठोकर मारी के बस … अच्छा शक्तिमान जी के साथ हुए हादसे के बारे पूछ रहे हैं? … अजी इन लोगों का तो रोज़ का काम है रेल यात्रियों को सताना। और शक्तिमान बाउजी तो बड़े ही नेकदिल आदमी हैं । इस हादसे से पहले उन्होंने मुझे चार रूपये भीख भी दी थी और कहा था के चाय पे लेना भैया ।

और इस पूरे हादसे में सबसे दुखभरी बात तो ये है के जब हिजड़ों उन्हें नचाया भी तो पैसे भी उनसे ही क्यों वसूले? ये तो किन्नर प्रजाति की कार्यशैली के खिलाफ है? सच बताऊँ ये असली हिजड़े हैं भी नहीं, कहीं के गंजेड़ी लौंडे-लपाडे हैं जो मेकअप करके आ जाते हैं । भोले-भाले लोगों से जबरन पैसे वसूलना ही इनका पेशा है । क्या ज़माना आ गया है साहब, एक समय पे इन लोगो के कुछ उसूल हुआ करते थे, पर इन नक्कालों ने तो अब सब भ्रष्ट कर दिया है ।” – बोलते बोलते भीखू फुट फुट कर रो पड़ा ।

जहाँ शक्तिमान के फैंस ने सरकार से उन्हें तुरंत पुलिस प्रोटेक्शन देने की मांग की है, स्वयं शक्तिमान ने इस वाक्या पर कोई भी बयान देने से इंकार कर दिया है । साथ ही ये कयास भी लगाये जा रहे हैं की इन तथाकथित हिजड़ों का सम्बन्ध कहीं न कहीं अँधेरे के सम्राठ तमराज किलविश के पूराने नुमाइंदों से है और शक्तिमान को तंग करके वह अपने दिल की पुरानी भड़ास निकालना चाह रहे हैं ।