Saturday, 21st October, 2017

ट्रैन में एक भी इंजीनियरिंग का छात्र ना मिलने पर 3 दिन से मुसाफिर कोमा में

16, Apr 2016 By zsagar93

म.प्र.. सभी पाठक को विनंती हे की अगर आप नाज़ुक दिल के हो तो यह लेख ना पढ़े. मोके पे मौत होने की सम्भावना हे. हर रोज़ मुसाफरी कर रहे ज़वेरी सागर जब लोकल ट्रैन से नौकरी से घर वापिस जा रहा था तब एक भी इंजीनियरिंग का छात्र ट्रैन में नहीं मिलने पर सदमे से कोमा में चले गए.

इंजिनियर के इंतेज़ार में सागरजी
इंजिनियर के इंतेज़ार में सागरजी

दरअसल बात ये थी की पीड़ित सागरजी कई सालो से ट्रैन में ट्रावेल कर रहे हे लेकिन आज तक ऐसी दुर्घटना नहीं घटी. हर रोज़ सागरजी मुसाफरी के दरमियान इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स क साथ बातचीत कर के अपना समय गुजरा करते थे. लेकिन वो दिन पता नहीं कोनसा काल दिन था जब वो ट्रैन में घर जाने के लिए निकले और मालूम हुआ की ट्रैन में कोई भी इंजीनियरिंग का स्टूडेंट नहीं हे.

यह परिश्थिति देख कर पहले तो वो बोखला गए और सोचा की टॉयलेट में एकाद इंजीनियरिंग स्टूडेंट होगा, लेकिन वहा भी कोई ना मिलने पर वे मोके पर ही बेहोस हो गए.

मौजूदा लोगे के बयान से लगा की सागरजी देश में एका एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की संख्या में हुए गिरावट से सदमे में चले गए. लेकिन घटना की सच्चाई यह थी की बगल वाले डिब्बे में गर्ल्स कॉलेज की बहोतसी छात्रा होने की वजह से सब इंजीनियरिंग छात्र उस डिब्बे में चले गए थे.

इस घटना के बाद सागरजी से मिलने के लिए पुरे देश से भारी मात्र में इंजीनियरिंग छात्र अस्पताल पोहचे और इतनी भारी संख्या देख कर पुलिस को टेअर गैस के गोले छोड़कर भीड़ को काबू में लिया.