Friday, 15th December, 2017

टोल नाके का सीसीटीवी कैमरा था बंद, समाजवादी पार्टी के नेता ने टोल टैक्स वाले को पीटने से किया इंकार

16, May 2016 By Ritesh Sinha

नोएडा- कभी कभी तो ऐसा लगता है कि भगवान ने टोल टैक्स वसूलने वाले को सिर्फ मार खाने के लिए पैदा किया है। आए दिन कोई न कोई नेता उन्हें पीटकर अपना “स्टेटस” अपने इलाके में मेंटेन करता रहता है। लेकिन नोएडा में आज समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने एक टोल टैक्स वाले को पीटने से इंकार कर दिया, बताया जा रहा है कि उस टोल प्लाजा का सीसीटीवी एक सप्ताह से बंद पड़ा था, जब नेताजी टोल प्लाजा वाले को मारने के लिए अपनी गाड़ी से हॉकी स्टिक निकाल रहे थे तभी किसी ने नेताजी को बता दिया कि यहाँ का सीसीटीवी एक सप्ताह से बंद है, ये सुनकर नेताजी का गुस्सा शांत हो गया और वो टोल प्लाजा वाले को बिना पीटे ही आगे बढ़ गए।

टोल बूथ की यह हालत होने में सपा के कोई कार्यकर्ता हाथ नही हैं
टोल बूथ की यह हालत होने में सपा के कोई कार्यकर्ता हाथ नही हैं

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नेताजी अपनी गाड़ी से लखनऊ जा रहे थे। बीच में टोल प्लाजा पर उनसे टोल टैक्स जमा करने को कहा गया, नेताजी ने कैशियर से उधारी खाता में चढ़ा देने को कहा। जब कैशियर ने कहा की यहाँ उधारी खाता नहीं चलता है तो नेताजी भड़क गए और कैशियर से गाली गलौज करने लगे। नेताजी के साथ परमानेंट रहने वाले कुछ कार्यकर्ता काफी खुश हो गए और अपने बॉस से उस कैशियर को पीटने की जिद करने लगे। अपने कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार हो रही मांग को ध्यान में रखते हुए नेताजी ने उस टोल वाले को पीटने का मन बना ही लिया, और पहुँच गए टोल वाले के पास। नेताजी ने अभी एक दो पंच मारा ही था कि किसी ने पीछे से चिल्लाया, “यहाँ का सीसीटीवी बंद है, ….यहाँ का सीसीटीवी बंद है” इतना सुनकर नेताजी अचानक रूक गए और अपने कार्यकर्ताओं के साथ गाड़ी में बैठकर रफू चक्कर हो गए।

बाद में नेताजी ने मीडिया वालों को बताया कि, “मैं टोल टैक्स वाले को मारने से पहले सीसीटीवी चेक कर लेता हूँ, अगर सीसीटीवी चल रहा है तो मुझे मारने में कोई आपत्ति नहीं होती है, लेकिन अगर सीसीटीवी खराब है तो मैं टोल टैक्स वाले को नहीं मारता, क्योंकि अगर सीसीटीवी में रिकॉर्ड ही नहीं होगा तो हम टीवी पर कैसे आएँगे” नेताजी ने तर्क दिया। साथ ही नेताजी ने वादा किया की अगली बार जब वो उस टोल प्लाजा से गुजरेंगे तो उस कैशियर को जरूर मारेंगे।

इस घटना के सामने आते ही अखिलेश यादव ने सीसीटीवी की देखरेख करने वाले इंजीनियर को ससपेंड कर दिया है, और अधिसूचना जारी की है कि राज्य के सभी सीसीटीवी को तुरंत ठीक किया जाए ताकि हमारे नेताओं की मेहनत को सारी दुनिया देख सके। साथ ही उस नेता को मंत्री पद देने की घोषणा भी की गई है।