Monday, 26th June, 2017

तीन तलाक मामले में जनमत संग्रह कराने की मांग तेज: सभी धर्मो के पुरुषों का समर्थन

20, Apr 2017 By GADHEKI DUM

तीन तलाक मामले में आज तब नया मोड़ आया, जब अखिल भारतीय पत्नी-पीड़ित संघ के अध्यक्ष श्री दयाराम बेहिसाब कुचले (दबे कुचले) ने आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को समर्थन का ऐलान किया। एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया “देखिये, हम समान नागरी कानून के पक्षधर है। मगर हमारी मांग है की सभी धर्मो की अच्छी-अच्छी बाते लेकर एक समान कानून तैयार किया जाय। हम चाहते है की सभी धर्म के पुरुषों को तीन तलाक की सुविधा दी जानी चाहिए। इस बात का फैसला जनमत संग्रह करवाकर ही किया जाना चाहिए। जबरदस्ती से कोई भी नियम-कानून थोपकर लोकतंत्र का गला नहीं घोटना चाहिए।”

"अब सच्चा लोकतंत्र आएगा"
“अब सच्चा लोकतंत्र आएगा”

एक पत्रकार ने पूछा “लेकिन देश की आधी आबादी आज तीन तलाक के विरोध में खड़ी है। सत्ता पक्ष के बड़े-बड़े नेता तीन तलाक के विरोध में बयान दे रहे है, ऐसेमे आप जनमत संग्रह कैसे जीतेंगे?”

श्री दबे कुचले जी ने कहा “देखिये इस जनमत संग्रह में वोट डालने का अधिकार केवल उन लोगों को ही होगा जो विवाहित है और जिन्होंने अपनी पत्नी को अब तक छोड़ा नहीं। तीन तलाक के विरोध में बयान दे रहे अधिकतर बड़े नेता या तो अविवाहित है या अपनी पत्नी को छोड़ चुके है। उनको क्या पता की पत्नी द्वारा टॉर्चर क्या चीज होती है। ऐसों को न तो वोट का और न ही बयान देनेका नैतिक अधिकार है।”

उधर मुक्त जीवन नारी संघ की अध्यक्षा श्रीमती मुक्ता नारीवाल ने भी तीन तलाक को इस शर्त पर समर्थन देनेका ऐलान किया है, “महिलाऐं भी तीन चुटकियाँ बजाकर अपने पति को छोड़ सके, ऐसा प्रावधान यदि नए कानून में रखा जाता है, तो हम तीन तलाक के लिए तैयार है।”

चौतरफा बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने 31 अप्रैल 2017 को जनमत संग्रह करवाने का ऐलान किया है। सुबह 7 से शाम 5 बजे तक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे तथा उसी रात 11 बजे तक नतीजे जारी किये जायेंगे। जिसका लाइव प्रसारण केवल फेकिंग न्यूज़ पर ही होगा। अतः 31 अप्रैल को रात 11 बजे हमारा चैनल ओन करना न भूले।