Sunday, 28th May, 2017

तांगेवाला कैसे बना मसालों का बादशाहः अब सीबीआई करेगी जांच

27, Jan 2015 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. देश के मशहूर मसाला ब्रांड ‘एमडीएच’ के दादा जी मुश्किल में पड़ गये हैं। सीबीआई ने दादा जी यानि महाशय धर्मपाल गुलाटी को नोटिस भेजकर पूछा है कि “तांगा चलाते-चलाते आप मसालों के बादशाह कैसे बन गये?”

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असल में, सुरक्षा एजेंसियों के कान उस विज्ञापन को देखकर खड़े हुए हैं, जिसमें महाशय जी बड़े-बड़े कंटेनर्स लेकर समुद्री यात्रा पर जा रहे हैं। सीबीआई ने पूछा है कि “आपने कार्गो शिप कहां से खरीदा और इतने बड़े-बड़े कंटेनर्स में मसालों की जगह कहीं स्मगलिंग तो नहीं कर रहे?”

सीबीआई के अधिकारियों को शक है कि “इतने बड़े-बड़े कंटेनर्स में मसाले तो हो नहीं सकते। और अगर सच में मसाले हैं तो क्या महाशय जी किसी देश को मसालों में डुबोने जा रहे हैं?”

सीबीआई के शक की एक बड़ी वजह यह भी है कि महाशय जी के अलावा दुनिया में आज तक किसी और तांगे वाले ने मसाले नहीं बनाये। सीबीआई यही सोच-सोचकर परेशान हो रही है कि तांगे, घोड़े, लीद और मसालों में क्या मेल है!

सीबीआई का मानना है कि “हो सकता है कि दादी जी ने उन्हें ज़बरदस्ती मसाला पीसने पर बिठा दिया हो, क्योंकि मसाले कूटने-पीसने का काम तो सदियों से महिलाएं ही करती आयी हैं। नहीं तो ऐसी क्या नौबत आ गयी थी कि महाशय जी को मसाले पीसने पड़ गये?”

जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सवालिया लहज़े में पूछा, “अगर उन्होंने तांगा चलाते-चलाते बहुत तगड़ा माल बना भी लिया था तो वे रॉबर्ट वाड्रा की तरह लैंड या रियल एस्टेट के बिजनेस में क्यों नहीं गये?”

इस बीच, सीबीआई ने उस कार्गो शिप के कैप्टन और महाशय जी के साथ नज़र आ रही सुंदर लड़की को भी हिरासत में ले लिया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ चल रही है।

एक अन्य अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि “असल में महाशय जी इस किताब के टाइटल की वजह से ही मुसीबत में फंसे हैं। उन्हें इतना मसालेदार टाइटल रखना ही नहीं चाहिए था।”