Saturday, 21st October, 2017

सोनिया गांधी का पहला हिन्दी इन्टरव्यू फ़ेकिंग न्यूज़ के साथ

02, Mar 2013 By Anil Sharma

नयी दिल्लीः आज सुबह, पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हमारी मातृभाषा हिन्दी मेँ interview दिया। फ़ेकिंग न्यूज़ के साथ उन्होने हर विषय पे खुल के बात की, आप भी जानिये क्या कहना है सोनिया गांधी का देश के हालात को लेकर:

रिपोर्टरः तो सोनिया जी, स्वागत है आपका और आपके ड्राइवर का इस खास कार्यक्रम में। सोनियाः धन्यवाद, पर ये मेरा ड्राइवर नहीं है, ये तो दिग्विजय जी हैं, आपने शायद पहचाना नहीं। दिग्विजयः हां भई, मैं दिग्गी हूं, डॉगी… मेरा मतलब, ड्राइवर नहीं, हा हा हा। रिपोर्टरः अरे क्या फ़र्क पड़ता है दिग्विजय जी, कुत्ते कौनसा बुरा मानने वाले हैं? वैसे भी कुत्ते की दुम और आपकी ज़बान….

रिपोर्टरः चलिये छोड़िये, काम की बात करते हैं। सोनिया जी, सुना है आपकी तबियत ठीक नहीं रहती आजकल, बार बार विदेश जाती रहती हैं ईलाज के लिये, अपने देश में डाक्टर ढंग के नहीं हैं क्या? सोनियाः ये सच नहीं है, पहले मैं यहीं के डाक्टर के पास गयी थी, उसने कहा “ठीक हो जाओगी, फौरन निकल लो”, तो बस मैं foreign निकल ली। दिग्विजयः *सकुचाते हुए* मैडम, हमें देश का राष्ट्रपति बना दिया होता तो हम भी फौरन जाके फौरन आ जाते।

रिपोर्टरः अच्छा ये बताईये सोनिया जी की राहुल जी में ऐसी क्या ख़ूबी है जो उन्हें कांग्रेस का उपाध्यक्ष बना दिया आपने? दिग्विजयः देखिये राहुल जी बहुत गुणी हैं, उनके बारे में हमसे आप कुछ ना ही पूछें तो बेहतर रहेगा। रिपोर्टरः आपसे पूछ ही कौन रहा है। सोनिया जी बताईये? सोनियाः हां वो चुतियन शिविर के बाद जो फैसला किया गया। देखिये ख़ूबी हो या ना हो पर वो मेरा बेटा है, जैसे फिल्म जगत में यश चोपड़ा का बेटा उदय चोपड़ा और जितेंद्र का बेटा तुषार है, उनमें कौनसी ख़ूबियां हैं? दिग्विजयः चुतियन नहीं चिंतन मैडम। वैसे सही कहा मैडम। ये अपना अनिल कपूर का बेटा शाहिद भी तो वैसे ही है।

रिपोर्टरः फिर भी, आपको नही लगता की कांग्रेस की कमान किन्ही बेहतर हाथों में जानी चाहिये थी? सोनियाः आप तो जानते ही हैं, कांग्रेस आज तक हम गांधी ही चलाते आ रहे हैं, तो आगे भी गांधी ही चलायें तो इसमे हर्ज़ क्या है? दिग्विजयः बिल्कुल सही कहा मैडम, हम तो यहां तक कहते हैं कि कांग्रेस को अपना नाम बदल कर “गांधी एण्ड संस प्रा.लि.” रख लेना चाहिये।

रिपोर्टरः वैसे आपके रेल बजट ने तो लोगों की रेल बना दी है, बैठने को जगह मिलती नही लोगों को और पवन जी वाय-फाय लगवा रहे हैं, ये तो सूखा पीड़ित लोगों को नहाने के साबुन बांटने जैसी बात हुई? सोनियाः इसिलिये मैने खुद पवन जी को सख्त हिदायत दी है कि वाय-फाय रेल कि छत पे भी चलना चाहिये ताकि उपर बैठे लोग भी सेवा का लाभ उठा सकें।

रिपोर्टरः BJP वाले तो ये भी कह रहे है् की सुशील कुमार शिंदे जैसे महामुर्ख को गृहमंत्री भी खाली गांधी परिवार के प्रति उनकी चापलुसी देख के बनाया गया है और वो आपके सबसे बड़े चापलुस हैं? दिग्विजयः देखिये अंट शंट मत बकिये आप, अगर एैसा होता तो मैं गृहमंत्री होता ना की शिंदे साहब। है ना मैडम?

रिपोर्टरः आतंकवाद के खिलाफ भी सरकार कुछ कर नही पा रही है? क्या सोचा है आपने? सोनियाः देखिये हमने शपथ ली है कि हम इस देश की इज्जत को मिट्टी में मिलाकर और देश के दुश्मनों को बरकरार रख के ही चैन की साँस लेंगे।

दिग्विजयः मैडम उल्टा पढ़ दिया आपने! आपको बोला था ढ़ंग से रटने को? सोनियाः डिक्की बीच में मत टोका करो, कितनी बार कहा है तुमको। दिग्विजयः सारी मैडम जी, गलती हो गयी। पर ये डिक्की मत बोला करो, वैसे भी लोग मुझे बिक्की डोनर की बजाय डिक्की बोनर कह कर बहुत चिढ़ाते हैं आजकल।

रिपोर्टरः ये मुलायम सिंह यादव का क्या चक्कर है? हर बात में कांग्रेस का विरोध करते हैं पर समर्थन भी जारी रखे हुए है? सोनियाः वो अपने नाम की ही तरह मुलायम हैं, इसिलिये इतना लचकते रहते हैं। दिग्विजयः वैसे मैडम कलमाड़ी साहब बोल रहे थे कि शिल्पा जी कि कमर मुलायम जी से भी ज्यादा लचकदार है। रिपोर्टरः दिग्विजय जी आप भी ना, कसम से अगर फेयर एण्ड लवली आप का product होता हो टैगलाइन ये होती “पाइये छिछोरापन सिर्फ एक हफ्ते में”।

रिपोर्टरः ये बताइये कि आपकी सरकार का मकसद क्या है? आखिर चाहती क्या है सरकार? सोनियाः और कुछ नही बस हम देश में ठरकी चाहते हैं। दिग्विजयः मैडम ठरकी नहीं तरक़्क़ी, ठरकी तो वैसे ही बहुत हैं अपने देश में। बहुत से तो संसद में आपकी बगल में बैठते हैं।