Sunday, 23rd July, 2017

पटेल प्रकरण - सोशल साइंस की किताबों की कालाबाजारी, कांग्रेस-भाजपा दफ्तर से बरामद हुआ जखीरा

30, Oct 2013 By सेकुलर शुकुल

सरदार पटेल पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बहस छिड़ने के बाद बाजार से सीबीएसई के 9वीं और 10वीं की इतिहास,भूगोल और राजनीति शास्त्र की किताबें गायब हो गई हैं।

 इन किताबों की भारी डिमांड है
इन किताबों की भारी डिमांड है

जरुरतमंद छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक पुस्तक विक्रेता ने बताया कि इस समय राजनीतिक दलों की तरफ से इन किताबों की भारी डिमांड है। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कोई साफ जवाब देने के बजाय कहा कि हम किसी का नाम क्यूं ले। लेकिन इशारों-इशारों में कहा कि कुछ लोग नमो वाली टी शर्ट पहनकर आते हैं और कुछ लोग आधी रोटी खाएंगे…नारा लगाते हुए आते हैं और पूछते हैं कि सरदार पटेल पर कुछ नया है क्या।

किताबों के इस तरह सबसे ज्यादा गायब होना दिल्ली में सामने आ रहा है,लेकिन हमारे संवाद सहयोगी ने पटना से खबर दी है कि वहां भी एनसीईआरटी किताबों की मांग सफेद कुर्ता पैजामा वालों में बढ़ गई है। लोग लोहिया और जेपी पर भी कुछ नया मांग रहे हैं। इनमें से कुछ चेहरे ऐसे हैं जिन्हें हम अक्सर टीवी पर देखते हैं। खबर तो यह भी है कि इतिहास,भूगोल की किताबों के नेताओं के पढ़ने के चक्कर में टीवी एंकर में बौखलाहट है और वे भी किताबें खरीद रहे हैं। कुछ एंकर जिन्हें पढ़ने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं हैं,वे इस बात को लेकर तनाव में हैं कि ज्ञान से छलकते हुए इन नेताओं का टीवी शो में कैसे मुकाबला करेंगे। सुनने में आया है कि मीडिया हाउस इससे निपटने के लिए मनोवैज्ञानिकों और साइकेटि्रिस्ट की सलाह ले रहे हैं।

एक मीडिया हाउस के मालिक ने कहा कि ये बात तो हम भली-भांति जानते हैं कि हमारे एंकर बिजी रहते हैं और ज्यादा पढ़ नहीं सकते जबिक नेता चुनाव जीतने और एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। उधर देर रात के घटनाक्रम में दिल्ली में एनसीईआरटी की किताबें बाजार से गायब हो जाने पर अभिभावकों ने जंतर-मंतर पर जोरदार िवरोध किया। जिसमें आम आदमी पाटी के कुछ नेता भी शामिल हुए। लोगों के बढ़ते दबाव के बाद दिल्ली पुलिस सक्रिय़ हुई और देर रात उसने कांग्रेस और भाजपा दफ्तरों पर छापा मारकर सीबीएसई की इतिहास और राजनीति शास्त्र की किताबों का जखीरा बरामद किया।

दिल्ली पुलिस के अधिकारी उस समय चकित रह गए जब उन्होंने देखा कि दोनों दलों के महासचिव स्तर के नेता नेहरु-पेटल संबंधों पर आधारित तथ्यों को बच्चों की तरह रट रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा एक नेता लगातार इस बात को दोहराए जा रहे थे कि तक्षशिला पाकिस्तान में है, लेकिन वह बिहार के विश्वविद्यालयों से जुड़ा हुआ था। उनके पास एक एटलस भी रखी हुई थी। पुलिस ने किताबों का जखीरा बरामद कर चार बड़े पुस्तक विक्रेताओं को हिरासत में लिया है। कहा जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते नेताओं को हिरासत में नहीं लिया गया है।

उधर, जब इस संबंध में कांग्रेस और भाजपा प्रवक्ताओं से बात की गई तो उन्होंने उसे आप की साजिश बताया। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी के नेताओं का सामान्य ज्ञान अच्छा है। उनके पास देश के एक जाने माने राजनीतिशास्त्री भी है। ऐसे में उन्हें लगता है कि दूसरे दलों के लोगों को सामान्य ज्ञान ठीक होने से उनकी पोल खुल जाएगी।

भाजपा-कांग्रेस से जब ये पूछा गया कि सुनने में आया है कि आप लोग सरदार पटेल को लेकर एक दूसरे को जवाब देने के लिए ऐसा कर रहे थे क्या तो उनका कहना था,ये सब करने के लिए ज्ञान की कोई जरुरत नहीं है। ये सब तो हम बड़े आराम से कर लेते हैं। उधर,सूत्रों का कहना है कि इस सबके पीछे टीवी एंकरों की भी चाल हो सकती है क्योंकि किताब पढ़ने वाले नेता से उन्हें डर लगता है। न्यूज चैनलों का कहना है कि ये सब बकवास है अगर कोई नेता हमारे ज्ञान पर टिप्पणी करने लगेगा तो हम उसे प्रसारित ही नहीं करेंगे।