Tuesday, 21st November, 2017

नवजोत सिंह सिध्दू के साथ टेढी बात

27, Aug 2013 By Anil Sharma

खबर है की अमृतसर के लोगों द्वारा चिपकाये गये अपने ही गुमशुदगी के पोस्टर देखने के बाद सांसद नवजोत सिंह सिध्दू काफी आहत हैं।

इसी विषय को लेकर नवजोत सिंह सिध्दू ने पागल पत्रकार के साथ टेढी बात की, तो क्या कहा सांसद साहब ने अपने बचाव में और

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नवजोत सिंह सिध्दू अपने खास अंदाज में|

और क्या क्या बातें की पागल पत्रकार के साथ, जानने के लिये पढें आगे:

पागल पत्रकार: सिध्दू साहब पुरे अमृतसर में आपके लापता होने के परचे लगें हैं, क्या हो रहा है ये सब?

सिध्दू: लापता तो वो हैं जिनका होता नही कोई पता,

सजा उसको क्यों मिले जिसनें की नहीं कोई ख़ता,

सिर्फ हमारे नाम के ही परचे क्यों लगे हैं बाजार में,

पि.एम. देश के कहां हैं, कोई हमें भी दे बता।

पागल पत्रकार: तो आपने अमृतसर  छोङा क्यों?

सिध्दू: ओये गुरू, जो बात बाम्बे में है वो अमृतसर में कहां,

जो बात भुवनेश्वर मे है वो अगरकर में कहां,

और हम तो पैदायशी मस्तमौले हैं, सुन ले भाई,

जो मजा कामेडी नाईट्स में है, वो भला घर में कहां।

पागल पत्रकार: आप पर आरोप है की आप संसद भी नही जाते?

सिध्दू: देखो बन्धु, संसद क्या है, बस ऊल्लुओं का जमावङा है,

और जो जाते हैं वो कौनसा कुछ उखाड रहे है,

खाली मुझपर उंगली ना उठा मेरे पागल भाई,

हम सारे उल्लु मिलकर जनता से पल्ला झाङ रहे हैं।

पागल पत्रकार: ये बताईये की आपकी पत्नी कभी कुछ नही कहती इस बारे में?

सिध्दू: पत्नी का तो काम है चिल्लाते रहना, हर बात पे घर में कोहराम मचाते रहना,

अभी कल ही पत्नी ने कहा था,

क्यों सर्कस के जोकर की तरह बत्तीसी दिखाते रहते हैं हर पल,

एम.पी. हैं आप अमृतसर के, थोङा पावर सावर दिखाईये,

कुछ तो सीख लो, साथी नेताओं से तुम भी ऐ सिधु,

सरकारी खर्चे पे हमें भी कोई ऐफिल टावर वावर दिखाईये।

पागल पत्रकार: मगर सिध्दू जी, लोग कह रहे हैं की आपने अपने नाम के अनुसार कोई काम नहीं किया, मतलब कोई नयीं जोत जलाई नहीं आपने अपने क्षेत्र में?

सिध्दू: देखो साहब नाम में क्या रखा है, अब देखिये,

जिसका नाम है मनमोहन, वो सबके मन में कांटे की तरह लग रहा है,

नाम जिसका है नरेंद्र वो कुर्सी के फेर में इधर उधर भग रहा है,

अजी 45-45 साल के बुढे खुद को युवा नेता समझ रहे हैं यहां,

सब उलटा है बाबू, यहां तो पुलिस वाला चोरों को ठग रहा हैं। खटाक।

पागल पत्रकार: सुना है आप फिर से एम.पी. बनने के लिये पुरे कान्फीडेन्ट हैं, पर हवा तो आपके खिलाफ लग रही है, तो कैसे बनेंगे आप सांसद इस बार?

सिध्दू: देखो गुरू, भारत में नेता बनने के लिये तीन योगयताओं की जरुरत होती है:

(1)    आपका लास्ट नेम गाँधी होना चाहिये।

(2)    अगर नही है तो कोई किर्मिनल रिकार्ड होना चाहिये।

(3)    या फिर उपरोक्त दोनो।

तो हम तो बस यही कहेंगे की हम भी किसी से कम नही हैं,

दो चार केस तो हमारे नाम पर भी दर्ज हैं यारो,

गर इसी काबीलीयत को ध्यान में रखकर जनता वोट करे,

तो सांसद बनने में हमें क्या हर्ज है यारो।

पागल पत्रकार: जाते जाते क्या कहना चाहेंगे?

सिध्दू: यही कहुंगा की जैसे सुरज की किरणों को कोई रोक नहीं सकता,

और नवजोत सिंह सिध्दू को बात करते हुऐ कोई टोक नहीं सकता,

तेरा मन तो बहुत कर रहा होगा ताली ठोकने का ये शायरी सुनकर,

मगर मेरे दोस्त, मेरे कहे बिना ताली यहां कोई ठोक नहीं सकता। अब ठोको ताली।

हालांकी ताजा जानकारी के अनुसार इस इन्टरव्यू के बाद पागल पत्रकार सचमुच पागल हो गये हैं और बगदाद से लेकर दिल्ली वाया आगरा का रुख कर चुके हैं।