Tuesday, 27th June, 2017

शराब के खिलाफ मुहिम का असर, बारात में बारातियों की भारी कमी

23, May 2017 By Vinay Bhatt

उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड समेत कई राज्यों मे शराबबन्दी के खिलाफ चल रहे आन्दोलनों का समाज, नशेड़ियो और बेवड़ों पर क्या असर हो रहा है ये तो फिलहाल कहा नही जा सकता लेकिन विवाह जैसे सामाजिक समारोह पर इसका प्रभाव साफ देखा जा रहा है। हालात यहां तक खराब हो गये हैं कि बारात में जाने के लिए बारातियों की भारी कमी हो रही है। अति व्यस्त लोग और रिश्तेदार समय की कमी का बहाना बनाकर पहले भी बारात में जाने से बचा करते थे। लेकिन अब तो बेल्ले बैठे लोग भी बाराती बनने से बच रहे हैं। ऐसी ही एक सोचनीय खबर उत्तर प्रदेश से आई है।

कानपुर के रहने वाले रामस्वरूप अपने रिटायरमेन्ट के छः महीने पहले अपने बेटे संदीप की शादी खूब धूमधाम से सम्पन्न करवाने की तैयारियां कर रहे थे। संदीप ने भी अपने सभी दोस्तों को वादा कर दिया था कि वो अपने दोस्तों को खास महंगा ब्रांड ही पिलाऐगा। संदीप के पिता रामस्वरूप जी ने भी शादी से पहले आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त करने के लिए संदीप के फूफा जी को बुला लिया था। उन्हें बुलाने का कारण यह भी था कि पिछली साल संदीप की बहन की शादी में कुछ कमियां रह जाने से फूफा नाराज चल रहे थे। सो रामस्वरूप जी ने पहले ही सतर्कता बरतते हुऐ फूफा जी को ही इस कार्यक्रम का संचालक बना दिया। फूफा जी ने सामान की लिस्ट बनाई और सबसे पहले खास ब्रांड की पेटियां सूचीबद्ध करते हुए अपने साले रामस्वरूप को समझाया देखो साले साहब बाराती हर चीज की कमी भूल जाएगें अगर पीने पिलाने की उचित व्यवस्था हो।

रामस्वरूप जी ने भी जीजा की आज्ञा शिरोधार्य कर ली। लेकिन व्यवस्था हो इससे पहले ही प्रदेश भर में शराब के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गये और बस दारू की ही व्यवस्था नहीं हो पाई जब मेहमानों को पता चला तो वो बारात मे जाने से बचने के बहाने बनाने लगे। हद तो तब हो गई जब फूफा ने भी कहा भई रामस्वरूप क्या करें बारात में जरूर चलते लेकिन कल सुबह ही मुझे किसी खास काम से दिल्ली जाना पड़ रहा है। आॅफिस का मामला है आगे तुम तो समझदार हो समझ सकते हो। और तो और संदीप के दोस्त भी बारात से पहले ही शक्लें दिखाकर गायब हो गए। संदीप के लाख फोन करने पर भी किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। फिलहाल संदीप की बारात में जाने के लिए बारातियों की भारी कमी पड़ रही है।

रामस्वरूप जी ने होने वाले समधी से भी बात की कि सादे तरीके से मंदिर में शादी करवा ली जाऐ लेकिन समधी जी ने ये कहते हुऐ मना कर दिया कि वो लाखों रुपये दे के फार्म हाउस और सारी व्यवस्था करवा चुके हैं। लगता है अब कल जाने वाली बारात में गिने चुने लोग ही शामिल होंगे। लेकिन अखर ऐसे ही शराब के खिलाफ मुहिम चलती रही तो वो दिन दूर नहीं जब बारात मे दुल्हा और दूल्हे के पिता के अलावा कोई जाने को तैयार नहीं होगा।