Friday, 28th July, 2017

सरकार का फैसला, जीएसटी का नाम अब से 'गौ सेवा टैक्स'

30, Jun 2017 By Deepak Goswami

वित्त मंत्रालय के गुप्त सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई है कि सरकार जीएसटी का नाम बदलने की तैयारी में है. जीएसटी, जिसे ‘गुड्स एवं सर्विस टैक्स” के नाम से जाना जाता है, सरकार अब से इसका नाम ‘गौ सेवा टैक्स’ करने जा रही है. सरकार द्वारा अचानक से लिए जा रहे इस फैसले के पीछे का कारण हमने मंत्रालय के सूत्रों से जानने की कोशिश की.

पी.एम. मोदी सब से पहले टॅक्स दे कर के करेंगे मिसाल कायम
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ऐसे ही एक सूत्र गायशंकर माफ कीजिएगा गयाशंकर प्रसाद नाम न छापने की शर्त पर गाय की तरह मुंह में पान जुगाली करते हुए बताते हैं, ‘वो क्या है न कि चारों तरफ जीएसटी का विरोध हो रहा था. नेता हो या अधिकारी या व्यापारी सब इसके खिलाफ हो गये. ऐसी परिस्थिति में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री जी ने आपातकालीन बैठक बुलाकर ये फैसला लिया.’ हमने जब जानना चाहा कि ‘गो सेवा टैक्स’ ही क्यों?

वे बोले, ‘धत्त बुढ़वक! भारत से ही हो या किसी और देश से आये हो? अरे भैया एक गाय ही तो है जिस पर देश में कोई टेढ़ी निगाह तक नहीं कर सकता, विरोध का तो फिर सवाल ही नहीं. इसलिए चौतरफा विरोध को दबाने यह निर्णय लिया.’

वहीं इस निर्णय के एक अन्य फायदे का जिक्र करते हुए वे बताते हैं, ‘इसका एक फायदा और वित्त मंत्री जी ने देखा. वो यह कि अब सरकार को जीएसटी चुकाने के मामले में धांधली करने वाले व्यापारियों पर नजर रखने के लिए अलग से किसी मॉनीटरिंग टीम का गठन नहीं करना होगा. गोरक्षक ही जीएसटी चुकाने में धांधली करने वालों को सबक सिखा देंगे, जिसके एवज में उन्हें वेतन भी नहीं देना होगा. निशुल्क मॉनीटरिंग होगी, जिससे सरकारी खजाने पर भी बोझ कम होगा. उनके डर से कोई धांधली करने की हिम्मत भी नहीं जुटा सकेगा.’

वहीं एक अन्य सूत्र नंदीराम ने खुलासा किया कि नाम बदलने का यह फैसला एकदम नहीं लिया गया है. सरकार जिस दिन जीएसटी लेकर आयी थी, उसी दिन विरोध की स्थिति से निपटने के लिए इसका वैकल्पिक नाम सोच लिया था. जिसका डर था, वही हुआ. नतीजतन सरकार ने उस वैकल्पिक नाम का सहारा लिया और जीएसटी का नाम ‘गौ सेवा टैक्स’ कर दिया.