Monday, 23rd April, 2018

प्रधानमंत्री मोदी ने संत रामपाल को पकड़ने के लिये जी-20 देशों से गुहार लगायी

18, Nov 2014 By बगुला भगत

ब्रिसबेन. ऑस्ट्रेलिया में इस समय जी-20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष संत रामपाल के मुद्दे पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विशेष आग्रह पर जी-20 सम्मेलन का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें उन्होंने अपील की, “भाईयो-बहनो, बाबा रामपाल को पकड़ने के लिए हम सबको मिल-जुलकर प्रयास करना होगा।”

Modi Mobile
चारो ओर मदद के लिए फ़ोन घुमाते परेशान मोदी.

श्री मोदी को बीच में टोकते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा, “लेकिन मोदी जी, आपके देश में तो पुलिस कभी भी किसी को भी उठा लेती है, फिर अब क्या दिक़्क़त आ रही है?” इस पर मोदी ने कहा कि “मित्र कैमरन, ये कोई मैंगो पीपल नहीं है कि जब जी में आया किसी को भी उठा लिया! ये बाबा है बाबा!”

केंद्रीय विद्यालयों में जर्मन भाषा के मुद्दे पर पहले से तपी बैठी जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल बोलीं, “एक रामपाल को तो पकड़ नहीं सकते, जो इनके अपने देश में छुपा बैठा है और बात करते हैं दाऊद को पकड़ने की! हुंह!”

इस पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने श्री मोदी को दिलासा देते हुए कहा कि “मोदी जी, आप पुतिन की तरह सम्मेलन बीच में छोड़कर जाइए और अपनी चमत्कारी शक्तियों का इस्तेमाल करके रामपाल को गिरफ़्तार कराइए। यहां हम सब संभाल लेंगे।”

जुमा के समर्थन से उत्साहित होकर श्री मोदी ने दुनिया जीतने वाले अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कहा कि “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि अगर आप सब मेरा साथ देंगे तो काले धन की तरह संत रामपाल को भी मेरी पकड़ में आने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती।”

बस यहीं पर गड़बड़ हो गयी। ‘दुनिया की कोई ताकत’ वाला यह वाक्य दुनिया के सभी ताकतवर नेताओं को बुरी तरह अखर गया। अमेरिका के राष्ट्रपति ने नाराज़ होते हुए कहा कि “मोदी जी आप हर बात में ‘दुनिया की ताकत’ को बीच में क्यूं घसीट लाते हो?”

ओबामा की हां में हां मिलाते हुए चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा, “कुछ दिन पहले ये बोल रहे थे कि दुनिया की कोई ताकत मेरे हिंदुस्तान को गंदा नहीं कर सकती। अरे भैय्या, हम आपके देश को क्यूं गंदा करेंगे! और इस रामपाल से भी हमारा क्या वास्ता! आपका मन करे तो गिरफ़्तार करो, ना करे तो मत करो!”

इस पर श्री मोदी थोड़ा झेंपते हुए बोले “मित्रो, ऐसा बोलना पड़ता है! मेरे देश के लोगों को यही स्टाइल पसंद है।” इसके बाद उन्होंने ओबामा से कहा, “प्लीज, आप दो-चार नेवी सील वाले भी भेज दीजिए ना! फिर न्यूज़ चैनल वाले एक महीने तक मुझे और सील को ही दिखाते रहेंगे।”

श्री मोदी की इस अपील के बाद ओबामा सभी नेताओं को लेकर दूसरे कमरे में चले गये। अंतिम समाचार लिखे जाने तक वे लोग कमरे में ही थे और संत रामपाल की गिरफ़्तारी पर कोई सहमति नहीं बन पायी थी।