Monday, 26th September, 2016

सब ठीक है !

25, Dec 2012 By Anil Sharma

देश में गड़बड़ घोटालों कि भरमार हैं, बाकी सब ठीक है, आये दिन सरेआम हो रहे बलात्कार हैं, बाकी सब ठीक है, न्याय मांगने वालों पे लाठीयों कि बौछार है, बाकी सब ठीक है, आधे से ज़्यादा नेता अनपढ़ और गंवार हैं, पर बाकी सब ठीक है।

४२ साल का राहुल गांधी देश का यूथ आइकोन है, बाकी सब ठीक है, PM यहां का हर मुद्दे पर रहता हमेशा मौन है, बाकी सब ठीक है, किसानों के सर पर तलवार सा लटकता लोन है, बाकी सब ठीक है, गरीबों को रोटी की जगह बांटे जा रहे मोबाइल फोन हैं, पर बाकी सब ठीक है।

पैसे और शराब के बदले खरीदे जा रहे वोट हैं, बाकी सब ठीक है, सरकारी अधिकारीयों के मन मे फुलआन खोट है, बाकी सब ठीक है, कोयले से काला मन, दुध से सफेद चिदम्बरम का लंगोट है, बाकी सब ठीक है, जुर्म की सजा जेल नही, हरे हरे 500-500 के नोट है, पर बाकी सब ठीक है।

जाति और धर्म के नाम पे नेताओ का फैलाया दंगा है, बाकी सब ठीक है, हर गली हर चौराहे खुला घुम रहा यहां कोइ लफंगा है, बाकी सब ठीक है, गटर को भी मात दे रही हमारी पवित्र नदी गंगा है, बाकी सब ठीक है, और क्या कहें साला सारा System ही बेढ़ंगा है, पर बाकी सब ठीक है।

गृहमंत्री के पद पे सुशिल कुमार शिंदे जैसे चापलूस हैं, बाकी सब ठीक है, टेलेंट गया तेल लेने यहां तो चलती हर जगस घूस है, बाकी सब ठीक है, अपनों को मरता छोड़ ये विदेशी नेता के स्वागत में मशरुफ हैं, बाकी सब ठीक है, इनको क्या पड़ी है, इनके बच्चे तो लाल बती की गाड़ी में महफूज़ हैं, पर बाकी सब ठीक है।

चूतियों की कमी नही सरकार मे ही दिग्विजय और मनीष तिवारी हैं, बाकी सब ठीक है, ये जो हैं सो हैं, उपर से इनकी बेतुकी बेवकुफी भरी बयानबारी है, बाकी सब ठीक है, कितना भी रोको रुकते नही इनको भौंकने की जो बिमारी है, बाकी सब ठीक है, मगर हमने ही चुना था इनको, सारी गलती तो हमारी है, पर बाकी सब ठीक है।