Monday, 18th December, 2017

रूसी हैकर्स ने विधानसभा चुनावों में EVM मशीनों से छेड़छाड़ से किया इनकार

17, Mar 2017 By bapuji

मास्को. आजकल पूरे विश्व मे जहाँ भी चुनाव होते हैं वहाँ हारे हुए नेता, चुनाव व्यवस्था मे धाँधली की शिकायत ज़रूर करते हैं और जब कुछ नही मिलता तो रूस के ख़तरनाक  हैकर्स पर चुनाव की हैकिंग का इल्ज़ाम लगा दिया जाता है। अभी भारत में हुए पाँच राज्यो में हुए विधानसभा चुनाव में भी यही हुआ। चुनाव ख़तम होने पर लोगों ने EVM मशीनो के हैक होने का आरोप लगा दिया। सुप्रीमो बहन छायावती ने कहा की, “बटन हाथी का दबा और कमल खिलता गया।”

हम हॅकिंग करते हैं कोई मज़ाक नहीं
हम हॅकिंग करते हैं कोई मज़ाक नहीं

ऐसे में जब चुनाव आयोग ने कहा की हमारी मशीनो को हैक नही किया जा सकता तो निराश नेता कासलीवाल और बहन छायावती, रूसी हैकरो पर इल्ज़ाम लगाने वाले थे लेकिन हमेशा एक कदम आगे रहने वाले इन हैकर्स ने पहले ही खुलासा कर दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक गुप्त रूसी हैकर संस्था BKGDH के प्रमुख दिमित्री आइगोर खासचिगूसोव ने कहा कि उनकी या किसी भी रूसी साइबर संस्था की इन चुनाओ में कोई भूमिका नही है।

दिमित्री काफ़ी गुस्से में थे और अपनी कोट की जेब से वोदका की बोतल निकालकर कहा कि, “हमारी कुछ इज़्ज़त है। हम सिर्फ़ न्यूक्लियर हथियार या राष्ट्रपति के चुनाव जैसी बड़ी वाली हैकिंग करते हैं। राज्य के विधानसभा का चुनाव का हैकिंग? ये हमारे लेवल का नही हैं। आज मुझे इसलिए बोलना पड़ा क्योंकि आज चुप रहे तो कल को इंडिया में पंचायत के या किसी क्लास के मॉनिटर के चुनाव में भी हमारा नाम लगाया जाएगा। इज़्ज़त डाउन होता है यार! खासचुपतिव रस्प्यूटिन टेरेशकोव!” और इसके बाद वोड्का की बोतल पूरी पीकर दिमित्री रूसी भाषा में कुछ बड़बड़ाने लगे।

दिमित्री अपना बचपन साइबेरिया की जेल में और जवानी KGB के एजेंट के तौर पर बिता चुके हैं ऐसे बड़े अधिकारी के बयान के बाद अब तो मान लेना चाहिए कि अपने विधानसभा चुनावो में रूसी हैकिंग का कोई हाथ नही है। और इन आरोपों के पीछे कुछ खिसियानी बिल्लियाँ और बिल्ले खंभा नोच रहे हैं।