Sunday, 24th September, 2017

रिजल्ट के बाद हुई सपा की गुप्त मीटिंग में ये हुआ

14, Mar 2017 By Abhishek

दुनिया में सबसे आरामदायक दफ्तर कौन सा होगा? गूगल का, फेसबुक का, माइक्रोसॉफ्ट का…! नहीं, नहीं और बिल्कुल भी नहीं. सबसे बेहतरीन दफ्तर यूपी की सपा सरकार का रहा. पांच सालों तक, पता ही नहीं चल पा रहा था कि घर में दफ्तर है या दफ्तर में घर! फैमिली लिमिटेड कंपनी, खुद ही मालिक खुद मुख्तार.अब स्थिति ने करवट बदल ली है.

11 मार्च को रिजल्ट आने के बाद अखिलेश राहुल बाबा का हाथ पकड़कर अपने घर पहुंचे. आगे क्या हुआ, हम क्या बताएं, अंदर का हाल आप खुद देख लीजिए:

अखिलेश– बाबूजी, हमको माफ कर दीजिए. हम नहीं जानते थे कि इतना बड़ा झोल हो जाएगा.

मुलायम– देको बेटा.. हम कैह रय थे कि तुम रहन दो, तुमसे न हो पायगा.

शिवपाल– हम पहले ही कह रहे थे कि नया लौंडा है, इसके हाथ में सब कुछ मत दीजिए.

साधना गुप्ता– हमरे प्रतीक बिटवा में क्या कमी थी जी? बोलिए जी, कुछ बोलते काहे नहीं!

मेरे बाप को मना ले, वो प्यार फिर जगा दे
मेरे बाप को मना ले, वो प्यार फिर जगा दे

प्रतीक यादव– अखिलेश भैय्या तो नाक कटा दिए पार्टी का, आपका..

अखिलेश– चोप्प, कोई कुच्छ नहीं बोलेगा रे, सबका बदला लेगा रे आपका अखलेश.. बाप का, पार्टी का, चुनाव का और गठबंधन का.. सबका..

राहुल– जाइए शिवपाल चचा, फिर से दर्द भरे नग्मे गाइए पार्टी में..

तुनक कर शिवपाल पार्टी में ‘कसमें वादे प्यार वफा सब’ वाला गाना गाने चले गए.

मुलायम– लैणा नय… हम हैंय अबी जिन्दा…गलती तो लयकों से ही होती है.

आजम खान– देखिए नेता जी, आप पीएम मेटेरियल हैं, स्टेट का बात को जाने दीजिए..

राहुल– चलो अखलेश, खेलने चलें. जहां हो बूढ़ों का संग, उंहा रहे खर्ची का तंग.

मुलायम– का बोला रे! ई हमरे बबुआ को बिगाय के छोएगा…. कोई बचाओ रे इसको.

तभी मोदी जी का फोन आता है. फोन उठाने पर जोगीरा सुनाई पड़ता है-

साइकिल उड़ी, हाथी उड़ा और सफा हो गया हाथ,

अब बताईए नेताजी, अगला गठबंधन किसके साथ!

खबर है कि तब से नेताजी अकेले बैठकर मुकेश के दर्द भरे नगमे सुन रहे हैं.