Wednesday, 22nd November, 2017

राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता पर गहरी चोट, अब्दुल करीम टुंडा गिरफ्तार

19, Aug 2013 By Amit Bhagat

नाटकीय रूप से शुक्रवार रात दिल्ली पुलिस की मुख्य शाखा ने लश्कर-ऐ-तैयब्बा के वरिष्ठ सदस्य (70 वर्ष) अब्दुल करीम टुंडा को गिरफ्तार किया। इस घटना को भारत की धर्मनिरपेक्षता पर गहरी चोट माना जा रहा है। प्रतिक्रिया स्वरूप राजनितिक रसिया श्री अमर सिंह जी ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि टुंडा जी को शुक्रवार जैसे मुक़द्दस दिन पर गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए था। साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस की जांच की मांग की कि उनके पास नेपाल जाने के लिए पैसे कहाँ से आये।

वहीँ अब्दुल करीम टुंडा की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही अखिलेश यादव ने असंभावित दंगों को रोकने के लिए 3 आई. ए. एस अफसरों को सस्पेंड कर दिया। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने टुंडा की दाढ़ी के रंग की ओर ध्यान दिलाते हुए इशारा किया कि इसके पीछे संघ का हाथ होने से इन्कार करना मुश्किल है।

राहुल गांधी ने एक बार फिर से अपने विवेक का परिचय देते हुए कहा कि हमें ऐसे आदमी से सख्ती से पेश नहीं आना चाहिए जिसका एक हाथ टूटा हुआ हो।

“टुंडा का हाथ देख कर सोनिया जी बुरी तरह रो पड़ीं” – सलमान खुर्शीद

फिलहाल कांग्रेस ने तिहाड़ जेल में टुंडा की आरामदायक रिहायीश का बंदोबस्त कर दिया है ताकि दिग्विजय सिंह एवं अमर सिंह द्वारा पैदा की गयी भावनाओं की रक्षा की जा सके।