Monday, 23rd October, 2017

रेलयात्रा के दौरान दो महिलाओं के बीच "अचार" से शुरू हुई बातचीत, मोदी के परफॉरमेंस पर हुई ख़त्म

27, Jun 2016 By Ritesh Sinha

दिल्ली. गुप्ता जी का परिवार और शर्मा जी का परिवार पहली बार रेल यात्रा के दौरान मिले। लेकिन उनके बीच हुई बातचीत सुनकर ऐसा लगता है जैसे वो एक दुसरे को पिछले सात जनम से जानते हैं। ख़ुफ़िया सूत्रों से पता चला है कि बातचीत की शुरुआत अचार से हुई थी। हुआ यूँ कि गुप्ता परिवार जब खाना खा रहा था तो श्रीमती शर्मा जी ने उनके अचार की तारीफ़ कर दी, बस इसी से दोनों में जान पहचान हो गई और बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। दोनों ओर से सिर्फ महिलाएं ही बात कर रहीं थीं, जबकि हमेशा की तरह शर्मा जी और गुप्ता जी अपनी पत्नियों को बात करते हुए चुपचाप देख रहे थे।

भारत की ट्रेन फ्रेंडशिप की एक अपनी ही एक विशेषता हैं
भारत की ट्रेन-फ्रेंडशिप बिल्कुल सेल्फ़-लेस होती हैं

(भावना शर्मा और किरण गुप्ता के बीच हुई बातचीत का विवरण)

बातचीत के दौरान लगभग पांच मिनट के अन्दर ही दोनों “सहेली” में कन्वर्ट हो गईं। किरण ने भावना जी को स्वादिष्ट अचार बनाने की रेसिपी फ्री में बताई तो वहीँ भावना जी ने तुरंत नेल पॉलिश खरीदने की टिप्स दे दी। इससे पता चलता है कि भावना शर्मा जी का परिवार अपनी EMI समय से भरते होंगे। इसके बाद दोनों ने अपने अपने मायके के बारे में कुछ अच्छी अच्छी बातें की। इस विषय पर दोनों लगभग एक घंटे तक लगातार बोलती रहीं, इससे पता चलता है की मायके के बारे में बोलना उनका फेवरेट विषय है। जैसे ही ट्रेन ने अपना लेन चेंज किया, ठीक उसी समय दोनों ने अपना टॉपिक मायके से शिफ्ट करते हुए ससुराल तक ले गईं। ससुराल के बारे में दोनों ने 70% निगेटिव और 30% पॉजिटिव विचार रखे, जो कि आल इंडिया एवरेज से थोड़ा ज्यादा हैं।

अपने बातचीत का 8% हिस्सा उन्होंने अपने पतिदेव के बारे में बात करते हुए खर्च कर दी। विशेषज्ञों का मानना है की इससे ज्यादा पतियों को दिया भी नहीं जा सकता है। बातचीत थोड़ी और आगे बढ़ी और, शॉपिंग मॉल, वॉया नया कलेक्शन होते हुए ब्यूटी पार्लर पर पहुँच गई। इसके बाद दोनों राजनीती पर अपने अपने विचार रखने लगीं, दोनों ने मोदी के कार्यकाल पर गंभीर चर्चा की और मोदी जी से महंगाई को कम करने की अपील जारी की।

इतने में, स्टेशन आ गया और दोनों परिवार ट्रेन से उतर गए। जुदा होने से पहले दोनों ने कसम खाई कि वो हर रोज़ मोबाइल में सौ रूपए का बैलेंस ख़तम करके रहेंगी, और दोनों परिवार अपने अपने घर की ओर चले गए।