Monday, 20th November, 2017

राहुल गांधी का चीनी राजदूत से मुलाकात का सच

11, Jul 2017 By Vinay Bhatt

पहले राहुल गांधी चीनी राजदूत भांग सुगं ली से मुलाकात करते हैं और इकांर कर देते हैं लेकिन जब चीन के विदेश मंत्रालय के मीडिया प्रभारी गू-कुलाई ने ही इस खबर की पुष्टि भारतीय राजनीति में अच्छी खासी गंध फैला दी तो कांग्रेस बचाव की मुद्रा मे आकर इसे सामान्य मुलाकात बता रही है। कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल राहुल गांधी इसे सामान्य मान रहे हैं।

पहली बार दिमाग़ चलने की खुशी से खुश राहुल गाँधी
पहली बार दिमाग़ चलने की खुशी से खुश राहुल गाँधी

लेकिन अन्दर खबर कुछ और ही निकल कर आ रही है। दिग्विजय सिहं ने इसे राहुल के प्रधानमंत्री बनने की तैयारियों का हिस्सा बताया है। वो इसे एक नई रणनीति मानते हैं। उनके अनुसार राहुल बाबा को पीएम तो बनना ही है इसीलिए बाबा अभी से विदेश नीति और विदेशी मुलाकातों का अभ्यास कर रहे हैं दरअसल राहुल हर बार मन्थन करने विदेश जाते हैं और आते ही अनजाने मे कांग्रेस की हार का कारण बन जाते हैं लेकिन इस बार वो नानी के पास इटली गये तो ये आईडिया इटली में उनके ननिहाल के रिश्तेदारों ने दिया कि मोदी कैसे विदेशी मुलाकातों और दौरों से स्टार बन गये हैं। उन्हे भी कुछ ऐसा करना चाहिये. अब बाबा ने देखा कि भारत चीन मामला गर्म है तो मार दिया हथौड़ा और पहुचं गये चीनी राजदूत से मुलाकात करने।

लेकिन देश के वरिष्ठ राजनितिक विश्लेषक इसे कुछ और ही मान रहे हैं उनका कहना है कि इस मुलाकात के पीछे भारत सरकार का ही हाथ है। दरअसल जब भारत चीन जमीन विवाद गहरा रहा है तब सरकार के पास और कोई रास्ता नहीं बचा था और सरकार के पास चीन के खिलाफ जो निर्णायक हथियार बचा था उसे इस्तेमाल करने का वक्त आ गया था जी हां रार्बट वाड्रा। उनकी जमीन गपचने की योग्यता का फायदा लेने का यही सही समय था। चूकिं वो सरकार से रूठे हैं और आधिकारिक रूप से सीधे सरकार उनको बीच में नही ला सकती थी इसलिए सरकार राहुल गांधी के कन्धे पर रखकर यह मिसाइल दागना चाहती है।

इसी सन्दर्भ मे राहुल ने चीन को सरकार की तरफ से अल्टिमेटम देने के लिऐ ये मुलाकात की। और इस का सीधा फायदा देश को तो मिल ही सकता है अपितु कांग्रेस भी इस से फायदा उठा सकती है क्योकिं जब भी बाबा अपनी पार्टी के लिऐ कुछ करते हैं तो हार जाते हैं इसिलिऐ सरकार की तरफ से वो वार्ताकार बनने के लिऐ तैयार हो गये शायद कांग्रेस का राहु उतर कर भाजपा मे लग जाऐ। फिलहाल स्थिती पर नजर बनी हुई है।