Monday, 29th May, 2017

प्रकाश उत्सव की रिपोर्ट: पटना

06, Jan 2017 By khakshar

पटना. प्रकाश उत्सव में  प्रधान मंत्री और बिहार के मुख्य मंत्री एक-दुसरे के तारीफ़ में कुछ ज्यादा ही बोल गए। दोनों लंगर में भी अगल बगल बैठ गए। दोनों तरफ से अगले द्वारा घोषित बंदी का गुणगान हो रहा था। केंद्र में एक राज्य-मंत्री, मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे। एक और तरह की बंदी पर उनके विचार खबर बनी थी। ये वही मंत्री हैं जो जब ना तब कितनों को पाकिस्तानी वीसा दिला देते हैं।

पटना गाँधी मैदान: प्रकाश उत्सव की श्रद्धालु पंक्ति से

इधर श्रद्धालु पंक्ति में एक राजनेता अपने दोनों पुत्रों के साथ बैठे थे। पिता-पुत्रों की बातचीत लीक हो गई हैं। इसका श्रेय फ़ेकिंग न्यूज़ को जाता हैं।

बगल में पंजाब के उप -मुख्यमंत्री
बगल में पंजाब के उप-मुख्यमंत्री

बड़ा पुत्र: अब बरदाश्त नहीं हो रहा। अपने स्टेज पर बैठे हैं और हम…

पिता: तुम रहने दो। तुम सिर्फ एक जनवरी वाला फैंसी ड्रेस में कृष्ण-भगवन का ड्रेस पहनों। पता भी हैं कितने MLA होते हैं?

छोटा पुत्र: चौसठ मेरे समर्थन में आ जायेंगे। कोई चाचा-मामा साथ में रहता तो पार्टी का अध्यक्ष भी बना देता मुझे। दिल्ली स्थित राबड़ी-निवास में कोप-भवन बन जायेगा।

पिता: याद रखना, हम सख्त आदमी हुँ। मुलायम नहीं…

बड़ा पुत्र: कल इसपे बवाल होगा की हमारे नेता नीचे क्यों बैठे।

पिता: छानिएगा जलेबी और निकलेगा पकौड़ी…

तभी नेता जी के सांसद पुत्री का फ़ोन भी आ गया। नेता जी फ़ोन पर बोलते सुनाई दिए, “अरे रुके, तुम लोग का लफड़ा-पचड़ा निपटाऊं कि दुश्मन को बिना चोखा के लिट्टी घोटाऊ।”

पिता ने पीएम मोदी के भाषण के नॉन स्टॉप सात ट्वीट कर प्रधान मंत्री पर अपने गुस्से का इजहार किया। गाँधी मैदान के बाहर तैनात एक पुलिस -सिपाही गुनगुना रहा था, भैंस के आगे बीन बजाओ; भैंस रही पगुराए ।पटना में लगा था मजमा; बउआ ढोल बजाए।