Monday, 20th November, 2017

पॉजिटिव न्यूज़ का स्थान, ढूँढ़ते रहो कूड़ेदान

23, Feb 2016 By khakshar

दिनांक-22/02/2016 वाराणसी: प्रधानमंत्री के भाग्य में बाबा आशुतोष के दर्शन का योग नहीं बना। हाँ, एक और आशुतोष ने अपना टीवी दर्शन दिया। “प्रधानमंत्री जी छात्र संघ के चुनाव करवाइये” के नारे लगा कर। इस छात्र नेता का गाल का रंग लाल हुआ या केसरिया, इस पर एक रामचन्द्र इतिहासकार अभी शोध कर रहे है। इस छात्र की पैंट कितनी गीली हुई, ये तो गाल लाल करने वाले भी नहीं बता पाये। पैंट गीली का स्टैण्डर्ड आजकल पटियाला हाउस कोर्ट में वकील तय कर रहे हैं। 500 मि ० ली ० की मात्रा पर “कन्नाहिय्या सर्टिफिकेशन” अन्यथा…

सिवाय Positive News के
सिवाय Positive News के

एक खबर ये भी आई हैं की भारत में कल सबसे ज्यादा लोग “संत रविदास” गूगल कर रहे थे। एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री संत रविदास को श्रद्धा देने और अपने राज्य में पानी की समस्या का हल खोजने के लिए बनारस पहुँच गए। उल्टी गंगा बहाकर अपने प्रदेश के जल -संकट का परमानेंट सोलुशन निकालेंगे।

इधर बनारस के घाटों पर स्वच्छता लाने में व्यस्त कुछ युवा अपने धुन में लगे हुए थे। इन बच्चो से हमने पुराने घाघ “टीवी कम देखिएगा” जैसे एंकर की तरह पूँछ ही लिया “कौन वर्ग -विशेष से हो?” बच्चे किसी नूडल्स के प्रचार की तरह घाट की तरफ इशारा कर बोले, “इट लुक्स बेटर, ना।” एक बड़ी कम्पनी के नूडल्स के विज्ञापन की बात सुनते ही घाट पर योग जैसा कुछ कर रहे लोगो के कान खड़े हो गए। कोरेस्पोंडेंट @khakshar ने घाट से खिसकने में ही भलाई समझी। कही 300 मि० ली० का मानक कोई लागु न कर दे। धनबाद से भी एक पॉजिटिव खबर आ रही हैं। एक नामी संस्था और एक बालिका महाविद्यालय के छात्रों ने सबसे गंदे शहर के दाग को हटाने के लिए अभियान चालु कर दिया हैं।

इन मसलो पर दो इंच का कॉलम गूगलाते भी नहीं मिलेगा। एंकर्स का एक दुसरे पर आरोप -प्रत्यारोप बहुत मिलेंगे। मंत्री और पत्रकार की नोक -झोंक पर १७ हज़ार ३४३ लाइक्स और retweets दिख जायेंगे। इस पोस्ट को भी आप मैन पोस्ट में नहीं पाएंगे। हमारे संपादक भी जानते हैं पॉजिटिव खबर का स्थान…

कनहिया कनहिया जपते जपते; मीरा बाई गयी थी मोक्ष पाय।

हमें बके कन्हिया -कन्हैय्या; लगता कही हम न जाये पिटाये।।

ब्रेकिंग- वाराणसी की गलियों में देशभक्त, जनवि, कन्हैय्या, ऊमर गुटखा बिकने लगे हैं।