Tuesday, 17th October, 2017

अब फाँसी की जगह आतंकवादियों को मारने के लिये ब्रेड और मैगी खिलाएगी सरकार

25, May 2016 By banneditqueen

दिल्ली. दुनिया भर में फांसी की सज़ा के निर्मम तरीक़े को ख़त्म करने की मांग होती रही है। मानवाधिकार संस्थाएं भी फांसी की सज़ा का विरोध करती रही हैं। इसलिये भारत सरकार ने अब खूंखार अपराधियों को बिना तड़पाए मारने का रास्ता ढूंढ निकाला है। सरकार ने फ़ैसला किया है कि मौत की सज़ा पाये आतंकवादियों को अब हम ब्रेड खिलाकर मारेंगे।

Bread Maggi
ब्रेड-मैगीः जो भी खाये, वो पार हो जाये

ब्रेड खिलाकर मारने का यह अनूठा आइडिया सरकार को सीएसई की उस रिपोर्ट से मिला है, जिसमें कहा गया है कि ब्रेड में पोटेशियम ब्रोमेट नामक रसायन होता है, जिससे कैंसर हो सकता है।

सरकार अब फाँसी के बदले ब्रेड और पुराने नॉन एक्सपायर्ड MSG युक्त मैगी के पैकेटों का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। आतंकियों को मैगी और ब्रेड से बने स्वादिष्ट पकवानों से लुभाया जायेगा। सरकार ने इसके लिये मशहूर कुक संजीव कूपर से आग्रह किया है कि वो मैगी और ब्रेड से बने पकवानों का मेन्यू तैयार करें।

सरकार के प्रवक्ता ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “हर फाँसी के पहले ये ह्यूमन राइट्स वाले खुली चिठ्ठी लेकर आ जाते हैं, जिससे हमारा काम मुश्किल हो जाता है। इसलिये हमने सोचा है कि रोज़ नाश्ते में आतंकवादियों को बड़े प्यार से ब्रेड और पुरानी मैगी खिलाकर मारा जाएगा।”

“वैसे फांसी और ब्रेड में कोई ज़्यादा फ़र्क नहीं है। फाँसी का फैसला होने में भी सालों लग जाते है और लगभग उतना ही समय मैगी और ब्रेड खाकर मरने में भी लगेगा।” -प्रवक्ता ने बताया।

आतंकियों का काल बनने वाली इस ख़बर से जहां सरकार खुश है तो वहीं मिडिल क्लास जनता मे खासी निराशा है। चाँदनी चौक में रहने वाली पिंकी ने बासी रोटी जैसा मुंह बनाते हुए कहा- “पहले मैगी और अब ब्रेड! ये सरकार हमें कुछ खाने देगी या नहीं!”

पिंकी जी को उम्मीद है कि जैसे मैगी पर बैन के बाद बाबा रामदेव ने मार्केट में पतंजलि नूडल्स उतार दिये थे, उसी तरह दो-चार दिन में वो पतंजलि डबल रोटी भी लॉन्च कर देंगे।