Sunday, 24th September, 2017

पत्थर बाजी को घोषित किया गया कश्मीर का राजकिय खेल

26, Apr 2017 By Mastilal

राज्य मे बढ़ती हुई पत्थर बाजी की घटनाए और लोगो का बढ़ता हुआ झुकाव को देखते हुए जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री अब्दुला की माँग को स्वीकार करते हुए इसे राजकीय खेल का दर्जा प्रदान की! अनंत नाग मे हज़ारो लोगो की मौज़ूदगी मे माननिया मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा करते हुए इसे राज्य मे खेल क्रांति का नाम दिया! इस घोषणा के तुरंत बाद लाखो लोग हाथों मे पत्थर लिए सड़को पर उतर आए और माननिया मुख्यमंत्री की काफिला पे खुशी का इज़हार करते हुए पत्थर बाजी करने लगे. स्थिति को हाथ से निकलते देख सेना को जवानो को बुलाया गया जो उनकी काफिला को मुख्यमंत्री आवास तक पहुचने मे मदद किए! लोगो की भीड़ ने माननिया मुख्यमंत्री से इसे राष्‍ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पर दबाव बनाने की अपील भी की!

इस खेल मे महिलाओं की बढ़ती हुई भागीदारी को देखते हुए मानवाधिकार संगठनो और महिला आयोगो ने इसे महिला सशक्तिकरण के लिए उठाया गया प्रथम कदम माना है. इधर बच्चो और युवाओं की भागीदारी को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता शुश्री मलला युसुज़ाई ने इसे बेहद ज़रूरी कदम बताते हुए माननिया मुख्यमंत्री के प्रति अपनी आभार प्रकट की. श्री गिलानी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बोले इससे कश्मीर की वर्तमान संस्कृति को पूरे देश-विदेश मे प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा और लोगों को हमारे शानदार वर्तमान इतिहास के बारे मे जानकारी मिलेगी जो शायद कही भी इतिहास की पाठ्या-पुष्त्क मे नही मिलती. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने इसे अभिनव तरीका बताते हुए पाकिस्तान मे लागू करने की वकालत की. श्री शरीफ ने कहा यदि हमारे आतंकवादी हथियार के बदले पथर उठा ले तो काफ़ी लोगो की जान बचाई जा सकती है, गौरतलब है आए दिन पाकिस्तान मे हररोज बम धमाके होते रहते है!

मुख्यमंत्री की इस कदम की चर्चा आर्थिक गलियारो मे भी रही! भारत के पथर सप्लाइयर्स असोसियेशन के सचिव श्री खालिद जीया ने इससे पथर की माँग मे रेकॉर्ड तोड़ वृधि की उम्मीद जाहिर की. वही बॉमबे स्टॉक एक्सचेंज मे हिन्दुस्तान पथर के दामों मे उच्छाल देखी गयी!