Friday, 15th December, 2017

संसद में गूंजा मल्लिका के कान फ़ेस्टीवल में जाने का मुद्दा, सरकार ने दिया आश्वासन- "रोकने के लिये क़ानून बनायेंगे"

13, May 2016 By बगुला भगत

कान/वॉशिंगटन/नयी दिल्ली. बॉलीवुड फ़िल्मों की संदिग्ध अभिनेत्री मल्लिका शेरावत के कान इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टीवल में जाने का मुद्दा आज संसद के दोनों सदनों में छाया रहा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये कोई क़दम नहीं उठा रही है।

जेडीयू के शरद यादव ने कहा कि “माल्या को छोड़ो, पहले मल्लिका को वापस लाओ! इतनी तो उसने फ़िल्मे नहीं कीं, जितनी बार वो कान जा चुकी है।”

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जब सारे कैमरे किसी और पर थे तो मल्लिका ऐसे निकल गयीं

हंगामे को देखते हुए केंद्र सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। संसदीय मामलों के मंत्री वेंकैया नायडू ने पहले तो हैरानी जताते हुए कहा- “क्या? वो फिर पहुंच गयी वहां!” फिर बोले- “हमारी सरकार पूरी कोशिश करेगी कि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों।”

लेकिन उनकी पार्टी ने इसके लिये कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया है। बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा का कहना है कि “जब 2005 में पहली बार मल्लिका कान गयी थी तो केंद्र में यूपीए की सरकार थी। फिर वो 2010 और 2014 में भी वहां पहुंच गयी, तब भी हमारी सरकार नहीं थी। सोनिया जी देश को बतायें कि उन्होंने मल्लिका से कितनी घूस ली।”

उधर, फ्रांस के एक अख़बार ने ख़ुलासा किया है कि “मल्लिका कभी ख़ुद को प्रियंका तो कभी दीपिका बताकर इस फ़ेस्टीवल में घुस जाती है। एक बार तो उन्होंने आईकार्ड मांगने पर ख़ुद को केटरिंग टीम का मेंबर ही बता दिया था।”

इस खुलासे के बाद अब कान के आयोजकों ने मल्लिका की फ़िल्मों को देखने का फ़ैसला किया है और उनकी ‘हिस्स्स्स’, ‘अगली और पगली’, ‘आप का सुरूर’ और ‘बिन बुलाये बाराती’ की डीवीडी मंगायी हैं। इस बात का पता चलते ही मल्लिका वहां से ग़ायब हो गयीं।

इस ख़बर से अमेरिका की राजनीति में भी हड़कंप मच गया है क्योंकि मल्लिका कान की तरह दो बार व्हाइट हाउस में भी घुस चुकी हैं और ओबामा के साथ डिनर भी कर चुकी हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया है। ट्रंप ने कहा है कि “अगर मैं राष्ट्रपति बन गया तो मल्लिका जैसे लोगों को अमेरिका में घुसने नहीं दूंगा!”