Wednesday, 20th September, 2017

दसवीं के बाद बेटे को IIT कोचिंग के लिये कोटा नहीं भेजा, दोस्तों और रिश्तेदारों में हुई थू-थू

23, Jun 2016 By banneditqueen

रायबरेली. पिछले हफ़्ते जब यूपी बोर्ड का दसवीं का रिजल्ट आया तो मुकेश चौरसिया के घर में हर्षोल्लास का माहौल था। उनके बेटे सतीश की फ़र्स्ट क्लास आयी थी, जिसके लिये उन्हें चारों ओर से बधाईयां मिल रही थीं। लेकिन अब एक हफ़्ते बाद सब यार-रिश्तेदार उन पर थू-थू कर रहे हैं।

कोटा ना जाने से दुखी सतीश
कोटा ना जाने से दुखी सतीश

ये वाह-वाह अचानक थू-थू में इसलिये बदल गयी क्योंकि चौरसिया जी ने सतीश को कोटा नहीं भेजा। जबकि सारे रिश्तेदार यही मानकर चल रहे थे कि सतीश तो कोटा जायेगा ही जायेगा क्योंकि उनके खानदान में पहली बार किसी की फ़र्स्ट क्लास आयी थी।

चौरसिया जी ने एक अजीब सा फैसला लिया कि उनका बेटा अपनी मर्ज़ी से किसी भी चीज़ की पढ़ाई कर सकता है। उनके रिश्तेदारों को जैसे ही उनके इस फ़ैसले की भनक लगी, उन्होंने उनसे बातचीत बंद कर दी। चौरसिया जी के ममेरे भाई धनंजय ने कहा कि “फ़र्स्टक्लास रोज़-रोज़ नहीं आती भाईसाब! मुकेश का तो दिमाग ख़राब हो गया है जो ऐसे होनहार बच्चे को बीएम-एमए में झोंक रहा है।”

मुकेश के छोटे भाई संतोष ने भी सर पीटते हुए कहा- “भाई साहब ने तो हमें कहीं मुँह दिखाने के लायक भी नहीं छोड़ा। अब आप ही बताओ, पड़ोसियों के सामने हम शेखी कैसे बघारेंगे कि हमारे बड़े भाई का बेटा कोटा गया है आई.आई.टी. की तैयारी करने?”

सतीश भी अपने पापा के इस फ़ैसले से सदमे में है। फ़ेकिंग न्यूज़ से बातचीत में उसने कहा कि “मुझे पूरी उम्मीद थी कि पापा मुझे ज़बर्दस्ती कोटा भेजेंगे पर उनके मुझे कोटा न भेजने के फैसले से मैं आहत हूँ। मैंने तो कोटा के नाम पर रोने-धोने की प्रैक्टिस भी कर ली थी। अपने सारे दोस्तों को भी बता दिया था कि मैं कोटा जा रहा हूँ। लेकिन मेरी सारी मेहनत बेकार हो गई” -कहते कहते सतीश रोने लगा।

हालाँकि चौरसिया जी के इस फैसले से उनके पड़ोसी बेहद खुश हैं। उनकी पड़ोसन रिंकू शर्मा ने बताया कि “पहले ही मिसेज़ चौरसिया पूरा दिन अपने बेटे की तारीफ कर-करके हमें पकाती रहती है, अब अगर वो कोटा चला जाता तो हमारा तो जीना ही मुश्किल हो जाता।” यह कहकर रिंकू जी अपनी कामवाली को मुकेश के सारे खानदान की हिस्ट्री-ज्योग्राफ़ी समझाने लगीं।