Monday, 25th September, 2017

पकौड़े बनाने में पत्नी ने लगा दिए एक घंटे, पति पत्नी में हुआ जमकर झगड़ा

13, Jul 2016 By Ritesh Sinha

मुंबई. बरसात के दिनों में पकौड़े बनाना भारतीयों का जन्मसिद्ध अधिकार हो गया है, लेकिन इसी पकौड़े की लालच की वजह से एक परिवार टूटने की कगार पर पहुँच गया है। दरअसल पिछले रविवार को आशीष जैन सोफे पे बैठ के आराम से टीवी देख रहा था, बाहर हल्की हल्की बारिश हो रही थी, तभी उसे पकौड़े खाने की इच्छा हो गई, उसने बच्चों से पूछा कि कौन कौन पकौड़े खाएगा?, सभी बच्चों ने भी पकौड़े खाने की इच्छा जताई, इस तरह यह प्रस्ताव पूर्ण बहुमत से पारित हो गया। देश में जब पूर्ण बहुमत हो तो सरकार बनाई जाती हैं और घर में जब पूर्ण बहुमत हो तो पकौड़े बनाए जाते हैं।

पकौड़ा फाइटिंग कपल
पकौड़ा फाइटिंग कपल

इसके बाद इस प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए किचन की ओर भेज दिया गया। किचन में आशीष की पत्नी शोभा ने पकौड़े बनाने की तैयारी शुरू कर दी। इधर आशीष टीवी देखते देखते पकौड़े का इंतज़ार करने लगा। वह लालच के मारे बार बार किचन की ओर देख रहा था। आधा घंटा बीत जाने पर भी जब पकौड़ा बनकर नहीं आया, तो आशीष ने चिल्लाते हुए कहा, “तू पकौड़े बना रही है कि काला धन ला रही है, और कितनी देर लगेगी? किचन से कोई जवाब नहीं आया। एक घंटे बाद भी जब पकौड़े बनकर नहीं आए तो आशीष ने अपना आपा खो दिया और अपनी पत्नी को भला बुरा कहने लगा। इसी तरह बात बढ़ गई और दोनों पति-पत्नी आपस में झगड़ने लगे। पड़ोसियों ने इस बात की पुष्टि की है कि आशीष और शोभा में जमकर झगड़ा हुआ था। माना जाता है कि ऐसे मामलों में पड़ोसी अक्सर सच बोलते हैं।

झगड़ा शांत होने के बाद आशीष ने फेकिंग न्यूज़ को बताया कि, “वो पत्नी ही किस काम की जो पकौड़े बनाकर ना खिला सके, पकौड़े की खुशबू जब पड़ोसियों के घर जाती है तो सोसाइटी में हमारी इज्ज़त बढती है, लेकिन मेरी पत्नी ये सब नहीं समझती, उसे तो बस कुमकुम भाग्य की फ़िक्र है, मेरी हालत तो इस घर में नौकर की तरह हो गई है।”, कहते हुए आशीष गम में डूब गया।

खबर लिखे जाने तक शोभा ने घटना की पूरी जानकारी अपने मायके वालों को दे दी थी। अब शोभा के पापा उसे लेने के लिए किसी भी वक़्त कार में आ सकते हैं, जो इंडिया में एक सामान्य घटना मानी जाती है। उधर, आशीष को एक होटल में बेदर्दी से पकौड़े खाते हुए देखा गया है।