Sunday, 23rd July, 2017

नोटबंदी रिपोर्ट: कितना हुआ शादियों पर असर

30, Dec 2016 By khakshar
"इतना सारा खाना और 1000 की पुरानी नोट?"
“इतना सारा खाना और 1000 की पुरानी नोट?”

नोटबंदी का असर शादियों पे कितना हुआ हैं, ये जानने के लिए संपादको ने मुझे एक अनजान शादी में भेज डाला।बुरा हो फ़ेकिंग न्यूज़ के संपादक मण्डली का। एक तो ठण्ड से बेमौसम शादी, वो भी बिना लग्न के शादी। ऊपर से उपहार खरीदने के लिए कुछ पैसे भी नहीं दिए संपादको ने। विवाह के गेट पर ही दो साढ़े छः के मुस्टण्डे खड़े थे। हमने भी लिफाफा उन्हें दिखा दिया। अंदर से लिफाफा खाली, ये कोई भला कैसे जान पायेगा। लिफाफा ऊपर के जेब में डाला था, सबके दिखता रहे। उनमें से एक बोला “पुराने नोट नहीं चलेंगे, अपने आशीर्वाद का मोबाइल भुगतान कर दो।”

एक QR कोड भी टंगा हुआ था। इधर-उधर करके जैसे-तैसे 151/- रुपये का आशीर्वाद जुगाड़ हुआ। दोनों मुस्टण्डे मुझे ऐसे देख रहे थे जैसे किसी बिन-बुलाया कोई उच्च रेव पार्टी जा रहा हो। पत्रकार आदमी हुँ, अपनी चमड़ी मोटी कर ली और विवाह-स्थल के भीतर घुस गया। और कोई व्यवसाय से जुड़ा आदमी, सीता मैय्या की तरह धरती को फटने के लिए कहता। निमंत्रण लड़की वालों की तरफ़ से था। बारात भी नहीं पहुँची थी। अंदर अभी खाना तैय्यार नहीं था।

वरमाला का स्टेज भी सजा था। दाल-भात में मूसलचंद की तरह QR कोड दुल्हा-दुल्हन के कुर्सियों के बीच मौजूद था। दुल्हन के ताऊ, दुल्हन के पिता को फुसफुसा कर समझा रहे थे। “बल्लु, 2000 वाले नोट अलग-अलग रखो। खबर हैं कि हरेक नोट में चिप का सौवाँ भाग हैं। सौ नोट  की गड्डी बनते इसका चिप चालु हो जाता हैं। सिग्नल भी भेज देता हैं, प्रधान मंत्री के कार्यालय में।”

इधर दुल्हन फ़ोन पर लगी हुई थी। सहेलियों के साथ सेल्फी का दौर जारी था। बीच -बीच में पूछती भी थी। “कितने लाइक्स मिले।”