Wednesday, 13th December, 2017

नोन ड्रिंकरो के चकना खाने पर 6 माह की सज़ा

12, May 2016 By avinashbhati

बिहार/गुजरात. बिहार, गुजरात मे अपनी दुर्दशा से परेशान पीयक्कड़ समाज को दिल्ली सरकार ने तोहफा दिया है। दिल्ली सरकार बहुत जल्द ऐसा कानून लाने जा रही है, जिससे नोनड्रिंकर, मासूम शराबियो का चकना नही खा पायेगे़ं। ये खबर सुुनते ही कुछ इंजिनियर छात्र ठेको की तरफ दौड पडे।

पीयक्कड़ समाज में खुशी की लहर
पीयक्कड़ समाज में खुशी की लहर

हमारे पत्रकार लोले-गोले ने, मंत्री अरविंद पैग-वाल से जब इस बारे मे पुछा, तो पता चला, “एक रात हम 5-6 अाम अादमी बैठकर थोडी दवाई ले रहे थे। पीने बैठे, तो पता चला कि मनीष सकपकिया जी नही पिते। हमने शराफत दिखाते हुऐ, उनहें महफिल में बैठने दिया। अभी दो-दो पैग पीकर हम अपने सुख-दुख बाँटने ही वाले थें, कि हमने देखा कि सारा चकना साफ। मनीष सकपकिया जी माँ की कसमें खाते हुए तरह तरह के बहाने बनाने लगे। और तो और वो मेरे कुत्ते लोकलाल पर चकना चुराने का अारोप लगाने लगे। वो हमारी सरकार मे मंत्री हैं, बस यही सोचकर, मैनें उसके मुहँ पर खासँ कर छोड दिया। लेकिन हम सब मिलकर एक ऐसा अधिनियम लायेगें ताकि फिर कभी कोई किसी मासूम के साथ ऐसा ना कर सकें। नय़े नियम के अनुसार नोन ड्रीनकरो के चकना खाने पर 6 माह की सजा एवम 200 रुपये का तत्काल दंड लगेगा।

इस बीच, सभी पार्टियों ने इसको समर्थन करने का फैसला किया है, गुप्त सुत्रों के अनुसार बाबा कपालभाति देव एवम् बाबुल गाँधी भी ऐसी हरकतें पार्टियों में अाऐं दिन करते रहते है।

वहीं बिहार मे दो युवक चकने से लिपटकर रोते पायें गयें। तो दुसरी तरफ कुछ लोगों ने शराब से निकटता बनाये रखने क लिऐ, अपने बचचों का नाम बदलकर अददा-पववा रख लिऐ हैं।