Thursday, 19th October, 2017

नयी फिल्म -खोसला का चोंचला

29, Oct 2015 By khakshar

मशहूर निर्माता -निर्देशक “पी -बकर बनर्जी” ने अपनी आगामी फिल्म “खोसला का चोंचला” के स्क्रिप्ट पर काम शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार वापसी समारोह (आजकल टीवी पर लाइव प्रकाशित ) के बाद श्रीमान पी-कर ने दो “इलायची ” बोतल के एवज में कोरेस्पोंडेंट @khakshar से अपनी नयी फिल्म के कुछ राज खोले।

दिल्ली में कूड़े के रायते
दिल्ली में कूड़े के रायते

ये नयी फिल्म उनके बहुचर्चित फिल्म “खोसला का घोसला” जैसे दिल्ली पर ही आधारित है। दिल्ली की बात हो और बड़े दिल की बात न हो ऐसा मुमकिन नहीं। पर पी -बकर बनर्जी भी कलात्मक आदमी हैं , मुद्दे (दिल) से चार अँगुली नीचे की बात करेंगे। बताया की “मैंने सांकेतिक रूप में दिल्लीवालों का दिल उनके पेट से मिला दिया हैं।” यहाँ तक तो सब उचित रहा। फिर विस्तार से बोले “पेट आएगा तो पेट- पूजा की भी बात होगी। माँस, दाल और रायता प्रधान फिल्म रहेगी ये।”

स्क्रिप्ट में Policeyon का ज़िक्र दिखा। माँस की खुशबु आते ही अपनी मुफ्तिया दाल गलाने की कोशिश में ये पाकिस्तानी या इसराइली दूतावास में घुस जायेंगे, केरल हाउस क्या हैं। यही पुलिस सप्ताह तक विचाराधीन कैदियों को कोर्ट में पेशी के लिए मना कर रही है। अफ्रीका से आये foreign dignitaries की सुरक्षा का हवाला देकर। चलिए इसी बहाने हिंदुस्तान के कुछ निर्दोष जेल को तीर्थ बनाए रखने वाला “लालु प्रसाद” का दर्द भी समझेंगे। वाह रे मजिस्ट्रेट और जज साहेब, दुर्गा पुजा की छुटियाँ बढ़ गयी तो आँख पर पट्टी बांध लिया।

बहुत कुरेदने पर और बताया की रायता पर बोले पी-कर बनर्जी। आठ दिन से फैला दिल्ली में कूड़े के रायते से वो अपने पैतृक घर नहीं पहुँच पा रहे हैं। फिल्म की नायिका का पात्र एक समाजसेविका से प्रेरित हैं, जो मिठाई के दुकानो पर रैड मारती हैं और अपराधी के बजाय पीड़ित का नाम बताती हैं।

मद्यत्यागी कोरेस्पोंडेंट पी-कर को टुल्ल छोड़ निकल पड़ा , वो गन-गुना रहे थे, “हौआ की मौशिकी से हो रहा दामन गुलज़ार; इतने भोले नहीं शायर की करते थे पहले बेगार..”

Finally I asked myself, “Will Anupam Kher, one of the leading actors in “Khosla Ka Ghosla” star in the sequel? Well, the readers guess is better than mine.