Sunday, 17th December, 2017

नाक के छर्रे बनाकर फेंकने को राष्ट्रीय खेल का दर्जा

24, Jul 2016 By चीखता सन्नाटा

नई दिल्ली. ताजातरीन समाचार के मुताबिक़ केंद्र सरकार और विपक्ष में नाक के छर्रे बनाकर फेंकने को राष्ट्रीय खेल घोषित करने की सहमति बन गयी है| केंद्र सरकार ने हाल में इस विषय में राज्यों को अधिसूचना जारी की है|

देश के सभी प्रमुख दल के नेताओं ने इस निर्णय पर हर्ष जताया है| वही नाक-फेंको आंदोलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छेदी प्रसाद ने इसे आम आदमी की जीत बताई है|

छर्रे ढूँढ कर प्रॅक्टीस करता हुआ युवक
छर्रे ढूँढ कर प्रॅक्टीस करता हुआ युवक

“हमारे यहाँ नाक के छर्रे बनाकर फेंकने की कला प्राचीन है| हमें खुशी है कि देश के सार्वजनिक स्थानों की रौनक बरक़रार रखने वाली इस कला की आखिरकार सरकार ने सुध ली है”, छेदी प्रसाद अपनी नाक में उंगली घुसड़ते हुए बोले, “देश में नाक के छर्रे बनाकर फेंकने के खिलाड़ी बिखरे पड़े है| सरकार के इस निर्णय से देश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा|”

केन्द्रीय अधिसूचना के मुताबिक राज्य सरकार नाक के छर्रे बनाकर फेंकने वाले खिलाड़ीयों का एक डाटाबेस तैयार करेंगी| सभी खिलाड़ीयों को नाक के छर्रों के उचित रखरखाव के लिए मासिक भत्ता दिया जाएगा|

दूसरे खिलाड़ी संघों ने केंद्र सरकार के इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए उस पर बाकी खेलो के साथ भेदभाव का रवैया अपनाने का आरोप लगाया है|

“बाकी आम खिलाड़ी अपनी पूरी जिंदगी का दैनिक भत्ता मिलाकर भी नाक का एक छोटा सा छर्रा भी नहीं बना सकता है| इस दलगत राजनीति से खेलो का क्या भला होगा”, हवा में उड़ जाने से बचने के लिए खेल संघ के उपाध्यक्ष अपने बगल वाले खंभे का सहारा लेते हुए बोले, “खिलाड़ियों को यहाँ खाने को नहीं मिल रहा और सरकार निकालने की योजना बना रही है|”

वही खेल मंत्री ने खिलाड़ियों को इस विषय में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है|