Sunday, 17th December, 2017

नागिन डांस फिर बना राष्ट्रीय मुद्दा

17, Jun 2017 By sudhir shivhare

शादियों का सीजन आते ही एक बार फिर नागिन-डांस को राष्ट्रीय डांस घोषित करने का मुद्दा तूल पकड़ते जा रहा है. बारात में दुल्हे के दोस्तो और विशेषकर मामा-मौसा द्वारा किया जाने वाला ये डांस रुमाल की बिन बजाकर एवं सड़क पर लोट पोट लगाके किया जाता है|

बिना पिए ये डॅन्स करने का मज़ा क्या
बिना पिए ये डॅन्स करने का मज़ा क्या

जब हमारे अविश्वसनीय रिपोर्टर ने राजधानी के पेशेवर नागिन डांसर मि.अकडू एवं मि. पकडू (परिवर्तिन नाम) से पूछना चाहा जो अमरीश पूरी एवं श्रीदेवी को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानते है तो उन्होंने जानकारी दी की ये डांस का मजा २-४ पेग लगाने के बाद ही आता है. मि.अकडू एवं मि. पकडू ने इसे अपनी आय का एक मात्र जरिया बताते हुए जंतर-मंतर पर आन्दोलन की चेतावनी भी डे डाली है|

खबर है की एस मुद्दे पर राजनीती भी गरमाने लगी है,जहाँ एक और भाजपा ने इस डांस को आस्था के साथ खिलवाड़ बताया तो वहीँ विपक्ष एवं वाम-दलों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी बताते हुए मामले को संसद के आने वाले मानसून सत्र में उठाने की घोषणा की है,

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने एक बार फिर कहा के सब मिले हुए हैं जी एवं साथ दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक के जरिये हर नागिन डांसर को फ्री में आइस,कोल्डड्रिंक एवं चखना वितरण का आश्वासन दिया हैं|

अब ये तो आने वाला वक्त ही बता पायेगा के मुद्दा कहा तक जाता है एवं विलुप्त होती इस नागिन डांस की कला का क्या भविष्य तय होता है|