Tuesday, 27th June, 2017

मुख्यमंत्री आवास का नया पता: पटियाला हाउस कोर्ट के सामने फुटपाथ

06, Apr 2017 By GADHEKI DUM

सामान्य आदमी पार्टी (साँप) के सपेरे संयोजक श्री हेकड़ीवाल ने अपना सरकारी आवास नये पते पर शिफ्ट किया है। उनका नया पता टेण्ट नं. 420, पटियाला हाउस कोर्ट के सामने फुटपाथ पर, नई दिल्ली रहेगा। इस विषय में विस्तृत जानकारी देने के लिए एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई गई थी।

जनता को दिया फ्री में Wi-Fi और बिजली. उसके बदले अगर छोटी सी फीस वसूल ली तो क्या बड़ा-गुनाह कर दिया?"
“जनता को दिया फ्री में Wi-Fi और बिजली. उसके बदले अगर छोटी सी फीस वसूल ली तो क्या बड़ा-गुनाह कर दिया?”

उन्होंने बताया “देखो जी मेरे खिलाफ कई सारे मानहानि के केसेस चल रहे है। श्री अरुण जेटली, श्री नितिन गडकरी, श्री चेतन चौहान, श्री रमेश बिधूड़ी, श्री अमित सिब्बल (श्री कपिल सिब्बल के बेटे), श्री पवन खेड़ा (श्रीमती शीला दीक्षित जी के निजी सचिव) इतनों के तो केसेस मुझे याद है। और कितने केसेस होंगे मुझे याद नहीं। कोर्ट का आदमी “हेकड़ीवाल हाजिर हो” बार-बार पुकारेगा तो मुझे अपने आवास से आने में देर लगेगी। फिर दिल्ली की ट्रैफिक तो आप जानते ही है। लन्दन से 150 गुना ज्यादा है। ऐसे मे मैंने सोचा क्यों न कोर्ट के सामने ही तम्बू गाडके उसीमे रह लू। नाम पुकारे जाने पर तुरंत कोर्ट में हाजिर हो जाऊंगा। एक तो वरिष्ठ वकील श्री पेटमलानी जी ने मुझे “गरीब” का दर्जा प्रदान किया है। मेरा BPL कार्ड भी वे बनवाके देने वाले है। ऐसे मे मेरा फुटपाथ पर रहना सभी दृष्टि से सही है।

एक पत्रकार ने पूछा, “यदि आप सारा दिन कोर्ट के चक्कर में टेण्ट में ही रहे मुख्यमंत्री होने के नाते आपके जिम्मे जो विभाग है, उनका काम कैसे चलेगा?” उसपर श्री हेकड़ीवाल जी ने जवाब दिया, “देखो जी, हम एकदम अलग तरह की राजनीती में विश्वास रखते है। मैंने पहले दिन से अपने जिम्मे कोई भी विभाग नहीं रखा, ताकि औरों की मानहानि करने का मुझे समय मिले। आप देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री देखें, वे अपने पास ठूस-ठूसकर मंत्रालय रखते है। मगर हम एकदम अलग राजनीती वाले है।”

दूसरे पत्रकार ने पूछा “सुना है की वरिष्ठ वकील श्री पेटमलानी जी ने आपको गोद ले लिया है। क्या यह सही है?” श्री हेकड़ीवाल जी ने जवाब दिया, “हाँ, यह सच है की उन्होंने मुझे गोद लिया है। मगर वे सिर्फ मेरे मानहानि के केसेस फ्री में लड़ेंगे। उनकी वसीयत में मेरा कोई हिस्सा नहीं रहेगा।”

पत्रकार: “मगर आप एक तरफ भ्रष्टाचार से लड़ने की बात करते है, दूसरी तरफ श्री भालू यादव को गले लगाते है, तीसरी तरफ श्री भालू यादव की पार्टी के सांसद को अपना वकील रखते है, उनके गोद में बैठते है, क्या ये सब..”

इतने में श्री हेकड़ीवाल भड़क गए, “लगता है, आप भाजपा के एजेंट है। कितनी रिश्वत मिलती है आपको ऐसे सवाल पूछने की? बताओ, अरे बताओ! अब क्यों चुप हो गए?” ऐसा कहते-कहते क्रोध के कारण उनका BP भी बढ़ गया और वे जोर-जोर से खाँसने लगे। उन्हें तुरंत नजदीकी मोहल्ला क्लिनिक में भरती कराया गया है, जहाँ उनकी हालात खतरे के निशान से काफी ऊपर बताई जा रही है।