Tuesday, 12th December, 2017

मोम के बनेंगे केजरीवाल?

23, Jan 2016 By khakshar

खबर हैं की मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को इनविटेशन भेजा है। यदि केजरीवाल मान जाते हैं, तो वे पहले भारतीय सीएम होंगे, जिनकी म्यूजियम में वैक्स स्टैचू होगी। दुमछछलो का उत्साह तो देखते ही बन रहा हैं। दिल्ली के एक मंत्री ने केजरीवाल के लिए नोबेल शांति पुरस्कार भी मांग लिया हैं।

मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम का प्रोटोटाइप
मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम का प्रोटोटाइप

गनीमत ये  की अभी तक आशुतोष इस पर खामोशी बरते हुए हैं। इधर कविराज पंक्तियों और शब्दों से छेड़खानी करने में व्यस्त हैं। छेड़खानी से गलत मतलब नहीं निकालने का निवेदन, कविराज यह कार्य कविता लिखने के लिए कर रहे हैं।

कुछ सर्वदा उत्साहित आप कार्यकर्ताओं ने तो उनके पुतले दिल्ली के विभिन्न नुक्कड़ पर सम -विषम परिस्थिति में पहले ही लगा दिए थे। सुप्रीम कोर्ट में एक अर्ज़ी दाखिल करने की भी सोच रहे हैं आप दल के समर्थक। श्रीमान  अरविन्द के ऊपर लगे असंख्य मानहानी, बदज़बानी के मुक़दमे हटाने के लिए। तर्क ये दिया गया हैं की कानून की देवी का कोई मूर्ति मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम में नहीं हैं जबकि दिल्ली मुख्यमंत्री का हैं। इसलिए अब श्री केजरीवाल ही कानून के देवता माने जाये। संविधान तो आखिर उन्हें कंठस्थ है ही।

कुछ लोगो ने तो पहले से प्रचलित “ईमानदारी सर्टिफिकेट” वाला व्यंग्य को सही ठहराने के लिए सील, मोहर और छपाई भी करा ली हैं। उनका तर्क (वितर्क) हैं की राष्ट्रवादी सर्टिफिकेट तो प्रधान मंत्री के समर्थक पहले से बाँट रहे हैं। धर्म निरपेक्षता का सर्टिफिकेट तो कॉंग्रेस्सिये सालों से बाँट रहे हैं तो हम क्या गलत कर रहे हैं।

कुछ क्रांतिकारी समर्थक तो श्रीयुक्त अरविंद को मोमपुरुष बुलाने भी लगे हैं। एक समर्थक ने तो तीन महीने पहले ही मैडम तुसाद में मुख्यमंत्री का फोटोशॉपित चित्र सोशल मीडिया पर लगा दिया था, ओबामा और पुतिन के पुतलों के साथ। कविवर ने कुछ पंक्तियाँ भी लिख डाली हैं…

ये आप ही के लिए लिखा था, आपकी तवज़्ज़ु दरकार.. भाई अरविंद के प्रशासन में दिल्ली बनी कूड़ा बाजार।