Monday, 23rd April, 2018

मोदी जी के भाषण ने लगाया नए साल के जश्न पे सट्टा

31, Dec 2016 By khakshar

इस बार नए साल के जश्न में म्यूजिक और पार्टी के अलावा एक और तैयारी नाइट क्लबों और बार में की गई है। नए साल की पूर्व -संध्या पर मोदी जी का भाषण दिखाने के लिए इन जगहों पर स्पेशल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। लोग डरे सहमे भी हैं मालूम नहीं कि प्रधान मंत्री कौन सा पिटारा खोलेंगे। खानदानी अर्थशास्त्री आस लगा रहे हैं कि टैक्स में भारी छूट मिलेगी।

साल की रात जब बन गई सब से डरावनी रात!
साल की रात जब बन गई सब से डरावनी रात!

सट्टा बाजार प्रधान मंत्री के भाषण को लेकर गरम हो गया हैं। नई घोषणा पर मार्केट में बचा -खुचा पैसा लग रहा हैं। सबसे ज्यादा भाव मोदी जी के “चियर्स” बोलने का हैं। सबसे कम आशा भी इस घटना कि हैं। एक घंटे का भाषण हैं, ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे मोदी जी। सिर्फ एक शब्द बोलना तो मनमोहन जी के समय वाली बात हो जाएगी। दुसरी सबसे कम संभावना मोदी जी के  नशा-बंदी बोलने की  हैं। मोदी जी कभी नीतीश बाबु की बात कभी नहीं मानेंगे। एक मंत्री ने अवश्य “नस-बंदी” का संकेत दिया रहा। इधर कुछ आशावादी लोग बहुत उम्मीद भी लगा के बैठे हैं। सरकार को मालुम हो गया हैं कि लोगों ने बहुत कष्ट झेले हैं। भारत में कष्ट में पड़े लोगों को लड्‍डू खिलाना हमारा पुराना रिवाज़ हैं। इस बार कहीं पुलाव, दाल-मखनी और भी कुछ मिल जाए।

सट्टा बाज़ार में इस घोषणा का बाज़ार सबसे गरम हैं कि मोदी जी ये घोषणा कर दे कि फ़कीर अब चंदा बाँटेंगे। आखिर जब दिल्ली में बैठा एक फ़कीर लॉटरी और इनाम बाँट सकता हैं तो बाकी फ़क़ीर चंदा क्यों नहीं बाँट सकते। ईधर एक साधु बाबा वाराणसी में गुनगुना रहे थे-

फ़क़ीरी का नया ये आलम हैं जनाब; सियासती दल्ले अब भी झाड़ते रुआब।

इधर बाज़ार में ये हवा भी फैली हैं कि 50 दिन हो गए नोट-बंदी के, मोदी जी सजा माँगेंगे। सूत्रों से नयी खबर मिली हैं। अरविन्द, राहुल गाँधी, ममता बनर्जी और लालु यादव करीबी, इस कयास पर पैसा भी लगा रहे हैं।