Tuesday, 12th December, 2017

मोदी सरकार जल्द करेगी बड़ा घोटाला, ताकि अख़बारों के "आर्टिकल्स" में कुछ तो सच्चाई हो

27, Mar 2016 By Ritesh Sinha

दिल्ली:  चर्च अटैक, दादरी, और अवार्ड वापसी के बाद सरकार इनटॉलेरेंस के आरोपों से जूझ रही है। हर दिन एक एक अखबार में दो दो कॉलम लिखे जा रहे हैं। इसी आरोपों से परेशान होकर मोदी सरकार ने फैसला किया है की, वो अगले एक महीने के भीतर एक बड़ा घोटाला करेगी, ताकि अख़बारों में लिखे जाने वाले आर्टिकल्स में कुछ तो सच्चाई हो। सरकार ने बयान जारी कर कहा की हम अख़बारों में छपने वाले बेसिर पैर के आरोपों से परेशान हो गए थे, इसीलिए हमने निर्णय लिया है की हम खुद एक घोटाला करेंगे ताकि आर्टिकल्स लिखने वालों की सहायता हो सके। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस खबर का स्वागत किया है और कहा की, “जिससे हमारा कोई लेना देना नहीं है, उस मामले पर भी दिन भर चिल्ला चिल्ला के सफाई देना पड़ता था, कम से कम इस बार तो ऐसा नहीं होगा क्योंकि अब हम खुद घोटाला करेंगे और उसका जवाब देंगे।”

घोटालों की स्ट्रॅटजी बनाते हुए मोदीजी
घोटालों की स्ट्रॅटजी बनाते हुए मोदीजी

अंग्रेजी के अखबार में लिखने वाले एक प्रसिद्ध लेखक ने भी राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से “फिक्शन” लिख लिख कर मैं बोर हो गया था, मुझे लगने लगा था की कहीं फिक्शन लिखते लिखते मैं जे.के.रोलिंग ना बन जाऊं, लेकिन मोदी सरकार घोटाला करने जा रही है तो अब मुझे कुछ “रियलिस्टिक” लिखने को मिलेगा।

एक और आर्टिकल राइटर जिन्होंने अवार्ड वापसी के दौरान खाना पीना छोड़ दिया था, उसने बताया की- “अगर सरकार बड़ा स्कैम करती है, तो मैं सबसे पहले आरोपियों के खिलाफ अखबार में ही मुकदमा चलाऊंगा और किसी दिन अखबार में ही सजा का एलान कर दूंगा। साथ ही अपने हर आर्टिकल में मोदी को “तानाशाह” कहूँगा और उन्हें इस्तीफा देने की बात तो मेरे आर्टिकल में “बाई डिफॉल्ट” रहता ही है।”

कपिल सिब्बल को जब पता चला की सरकार बड़ा घोटाला करने जा रही है, उसने तुरंत बयान दिया की- एक बार फिर सरकार हमारे ही पालिसी को नए नाम से लांच कर रही है। साथ ही उसने ट्वीट किया, “0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 जनता से जुड़े हर मुद्दे पर हम सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं 0 0 0 0 0 00 0 0 0 0 0 “।

इस ट्वीट के तुरंत बाद उन्होंने एक नया ट्वीट किया जिसमे उन्होंने ट्विटर से शिकायत करते हुए लिखा की उन्हें “दो चार जीरो और लगाने में परेशानी हो रही है”।