Sunday, 17th December, 2017

पढ़िये- मोदी, केजरीवाल, राहुल और मुलायम ने कैसे की IPL में कमेंट्री

12, Apr 2016 By बगुला भगत

कोलकाता. हर्षा भोगले को हटाने के बाद बीसीसीआई ने दिल्ली डेयरडेविल्स और कोलकाता नाइटराइडर्स के मैच में नेताओं से कमेंट्री कराने का फ़ैसला किया। जैसे ही नेताओं को पता चला कि फ्री में मैच देखेंगे और भाषण भी देंगे, तो देश के कोने-कोने से नेता लोग ईडन गार्डन पहुंचने लगे और साथ में उनके चेले-चपाटे भी।

हालत ये हो गयी कि स्टेडियम के बाहर दर्शकों से चार गुना नेता पहुंच गये, जिन्हें तितर-बितर करने के लिये पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। सिर्फ़ राष्ट्रीय स्तर के कुछ बड़े नेता ही स्टेडियम में घुस पाये। कमेंट्री बॉक्स में पहुंचते ही वे माइक लेने के लिये छीना-झपटी करने लगे। कुछ एक्स्ट्रा माइक मंगाये गये और किसी तरह कमेंट्री शुरु हुई। तो लीजिये, सुनिये पढ़िये, नेताओं द्वारा की गयी स्पेशल कमेंट्री-

IPL Com7
“मित्रों, दिल्ली को जिताने के लिये कप्तान को पिच पे धरना नहीं देना चाहिये, दौड़ना चाहिये”

मोदीः बहनो-भाईयो, पिछले साठ सालों में देश में सिर्फ़ आठ आईपीएल हुए। लेकिन जब से मेरी सरकार बनी है, हर साल आईपीएल हो रहा है और विदेशी निवेश प्लेयर भी आ रहे हैं…

मुलायमः कौं-कौं से पहयवान लर रये हैं?

मोदीः पहलवान नहीं लड़ रहे मुलायम जी, किरकिट का मैच हो रहा है। दिल्ली के प्लेयरों की दुर्गति हो रही है…55 पै 5 हो गये!

मुलायमः कोई बात नयी मोदी जी, लयके हैं, गयती हो जाती है। अब क्या फांसी दोगे इंयै!

राहुल (ताली बजाते हुए): वो देखो, 67 पे 7 हो गये! ये तो दिल्ली के इलेक्शन वाला स्कोर हो गया।

मोदी (ठेंगा दिखाते हुए): और अपना स्कोर भूल गये सहजादे…जीरो लॉस थ्योरी!

केजरीवालः मैं क्या करूं! मेरे पास मेरी टीम ही नहीं है! धवन, कोहली, ईशांत, नेहरा, भाटिया…मेरी दिल्ली के सारे प्लेयर छीन लिये।

मोदीः सब दूसरी टीमों में चले गये मित्र! हा…हा…हा!

मुलायमः ये कियकेटय बी हंवाये पासवान की तरह हैं, फायदे के लिये कहीं बी चये जाते हैं।

राहुलः और टीम में ना एक भी महिला है और ना यूथ! सब बुड्ढे खेल रहे हैं- हॉग, ज़हीर, मिश्रा!

केजरीवालः सब आपस में मिले हुए हैं जी, इन्होंने हमारे गंभीर को भी अपने साथ मिला लिया। ये मेरे लड़कों को रन नहीं बनाने दे रहे।

मोदीः ये देखो मित्रों! सौ रन भी नहीं बना पायी दिल्ली! 98 पे ऑल आउट!

लालूः धत्! ई दिल्ली का प्लेयर तो सब बुड़बक है, इनसे बढ़िया तो हमरा फैमली खेल लेता है…दामाद लोग को मिला के पूरा 11 लोग का टीम हो गया है हमरा!

मुलायमः ऊ सव छोयो लाऊ जी! जे बताऔ के इनमै कोई यादौ है कि नयी?

लालूः एकठो यादव है…उमेश यादव!

मुलायमः औय ऊ कौंय है, जो जीब निकाय कै हात घुवां रयो है?

मोदीः वो ब्रैड हॉग है मित्र…आस्टेलिया वाला।

मुलायमः जे हौग तौ हंवाये संग कौ है, जे अब भी खेल ययो है।

केजरीवालः मैं फिर कह रहा हूं…दिल्ली के लड़के मेरे हाथ में दे दो…

मुलायमः अय छोओ केजयी बाऊ! तुंवाये लड़कन सै तो सौ यन बी नयी बने। जे कियकिट-वियकिट छोओ औय इंयै कुस्ती लयायो!

मोदीः कुश्ती तो मेरे साथ ये रोज लड़ते हैं…है के नहीं मित्र!

केजरीवालः मैं कह रहा हूं, मुझे मेरे प्लेयर दे दो…नहीं तो…

मोदीः नहीं तो क्या करोगे?

केजरीवालः नहीं तो मैं धरने पे बैठ जाऊँगा…बता रहा हूं जी मैं!

 (इसी के साथ केजरीवाल कमेंट्री बॉक्स में धरने पर बैठ जाते हैं और माइक का प्लेकार्ड बना लेते हैं)

केजरीवालः लो बैठ गया, अब उठा के दिखाओ मुझे!

(इसी बीच आप और बीजेपी के समर्थक भी कमेंट्री बॉक्स में पहुंच जाते हैं, धक्कामुक्की और नारेबाज़ी शुरु हो जाती है)