Wednesday, 20th September, 2017

मॅनेजर के जूते चाटने वालों को जूतें चमकाना भी होगा अनिवार्य

08, Apr 2017 By Chiman Fekuchand

चापलूस तो आज के ज़माने की अधिसंख्य आबादी हो गई है. किसी भी दफ्तर में चापलूसी करना आजकल शिष्टाचार और सदाचार की श्रेणी में आता है. पर मुद्दे की बात तो ये है की कौन सबसे बड़ा चापलूस और वफादार है| इसको अपने बोस के आगे प्रमाणित करना सबसे अहम् कार्य है और आजकल रातदिन इसी की होड़ लगी रहती है|

चापलूस संघ के अध्यक्ष “Mr. सब-की-चाटो” ने बताया के मैं कभी कभी ये सोचता हूँ की किसी के माथे पर तो ये नहीं लिख सकते हैं कि फलाना अपने बोस का सबसे लाडला वाफ्दर चापलूस है या ढिमका है. और इसका समाधान ढूंढने के लिए मैं सोचता हूँ के पॉलिश की डिब्बी मिलने से सारे चापलूस अपनी वफादारी बॉस का जुता साफ कर के सिद्ध कर पायेंगे.

पर्फार्मंन्स इम्प्रुमेन्ट के लिये चापलूसो ने सोचा हैं कि शू पॉलिश जुबां पर लगायेंगे तो जुते चाटना और चमकाने के लिये एक ही डाटाबेस हिट लगेगा| इसी को मद्देनजर रखते हुए जुबां पर लगाने के लिये चापलूसो ने “चापलूस छाप एडिबल शु पॉलिश” मार्केट में लाने कि मांग की है|

इस स्वामिभक्त आचरण से सभी मालिक स्वत ही समझ जायेंगे की उनके समक्ष दूम हिलाने वाले चापलूस वास्तव में चापलूसी कर अपनी वफादारी का परिचय दे रहें हैं या नाटक कर रहें हैं.