Friday, 23rd June, 2017

लखनऊ एनकाउंटर में मारे गये युवा की सोनिया गाँधी करेंगी शिनाख्त, NIA ने मांगी मदद

10, Mar 2017 By Pushpendra Singh

नई दिल्ली. लखनऊ में हाल ही में हुए एनकाउंटर की ब्रेकिंग न्यूज़ अभी फेसबुक पर ठीक से शेयर भी नहीं हुई थी की उस एनकाउंटर की प्रमाणिकता पर अभी से प्रश्न चिन्ह लगना शुरू हो गए है। जहा एंटी इंडियन एक्सप्रेस ने इस खबर को नाटकीय ढंग से “एंड दे किल्ड सैफुल्लाह” की हैडिंग के साथ प्रकाशित किया तो वहीं अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित होने वाले द हिन्दू ने तो उन्हें संदिग्ध आतंकवादी कहने की जगह “कॉमन मेन किल्ड इन एनकाउंटर” कहना उचित समझा।

ऐसे में इसे एक और बाटला हॉउस एनकाउंटर जैसी कॉन्ट्रोवर्सी बनती देख NIA सचेत हो गयी है और इस प्रयास में लग गए है की जल्द से जल्द ये सुनिश्चित किया जा सके की मरने वाला व्यक्ति आतंकवादी था या नहीं। इसके लिए उन्होंने सोनिया गाँधी की मदद लेने का निर्णय लिया है।

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Sonia Gandhi cried after watching Bodies of slained terrorists

सलमान खुर्शीद ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा, “देखिये सोनिया जी का ह्रदय बहुत करुणा से भरा हुआ है, मुझे आज भी याद है कैसे बाटला हाउस में मारे गए आतंकियों की लाश देख कर वो रो पड़ी थी।”

अपने भरे हुए गले से उन्होंने आगे कहा, “यदि इस बार भी मारा गया व्यक्ति सच में आतंकवादी है तो मुझे पूरा विश्वास है की सोनिया जी का दिल फिर से जरूर पसीजेगा, तो इससे बढ़िया तरीका नहीं हो सकता पुष्टि करने का, कि क्या वाकई में सैफुल्लाह सच में आतंकी था।”

अंतिम जानकारी मिलने तक NIA प्रमुख ने शव कि फोटोज १० जनपथ पंहुचा दी है, कल सुबह तक सोनिया गाँधी के शिनाख्त करने के आसार बताये जा रहे है। यदि सोनिया जी फिर से रो पड़ती है तो इससे कई सारी अटकलों पे विराम लग जाएगा।

वही इस कदम से घबराये दिग्विजय सिंह और ओवैसी ने इसे मनावाधिकार विरोधी कदम बताया है। उन्होंने NIA पे आरोप लगाया कि वो लोग मानवाधिकार संगठनो से उनकी रोज़ी रोटी छीन रही है। यदि इस प्रकार हर एनकाउंटर पे प्रश्न खड़े करने कि गुंजाइश नहीं बचेगी तो कई सारे मानवाधिकारवादी कार्यकर्ता बेरोज़गार हो जाएंगे और इस बेरोज़गारी के कारण वे आतंकवाद कि तरफ भी रुख कर सकते है।

उन्होंने कहा कि देश में यदि मानवाधिकार को बचाना है तो इशरत जहाँ और बाटला हाउस एनकाउंटर जैसी अन्य घटनाओ को विवादास्पद बनाये रखना चाहिए। इसी से देश का सेक्युलर ताना बाना बचा रह सकता है।

This Fake Journalist can be followed on Twitter at @Raghav_Uvaach