Saturday, 25th March, 2017

क्यों हुए कांग्रेस के सिद्धू: जानिए उन्हीं की ज़ुबानी

24, Jan 2017 By Velawrites

सारे भोचक्के रह गए जब हमारे प्रतिभाशील जज (कपिल शर्मा शो वाले) ने राजनीती में प्रवेश करने का फैसला किया। और भी सदमा तो तब लगा जब ये पता चला की वो पहले से बीजेपी में थे। स्वाभाविक भी था और कौन सा संसद पांच साल में सिर्फ हँसने का काम करता है। सिद्धू एक मात्र ऐसे नेता साबित हुए हैं, जो नेता बनने के बाद आपके सामने लूले लंगड़े, मोटे पतले, काले गोरे और हर प्रकार के अभद्र चुटकुले पे हस्ते पाए गए, ये भूल कर की इन्हीं लोगो से बाद में वोट मांगने जाना है। उसके बाद जब उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे कर दूसरी पार्टी ढूंढना शुरू किया तो एक नया ही तमाशा शुरू हुआ। कभी नयी पार्टी शुरू की, कभी आप और फिर आखिरकार वो उस पार्टी में गए जिन्हें दो साल पहले उन्होंने जमकर गालियां दी थी। अब कांग्रेस को इतनी कम सीट मिली की उनका ये मानना तो स्वाभाविक ही था की शायद उनके उन शेरो और वाक्यो का जनता पे गहरा प्रभाव पड़ा है। हमारे संवाददाता चतुर खुजली ने सिद्धू से ये जानना चाहा, की क्या सोच कर उन्होंने अपनी महत्वपूर्ण सदस्यता से कांग्रेस को कृतज्ञ किया।

खुजली: कैसे हैं आप सिधु जी।

पंजाब असेंब्ली में सिद्धू कपिल शर्मा के पुराने जोक्स को याद कर कर के हंसते हुए
पंजाब असेंब्ली में सिद्धू कपिल शर्मा के पुराने जोक्स को याद कर कर के हंसते हुए

सिद्धू: शेर जैसा। ठोको ताली।

खुजली: सर कांग्रेस क्यों?

सिद्धू: हमारी पौराणिक सभ्यता में इनका नाम सुनहरे अक्षरो से लिखा जाता है, गांधी परिवार की सेवा का मौका नसीब वालो के पास आता है।

खुजली: 2014 में अपने कहा था कांग्रेस को वोट मत करना, उनका हाई कमांड देश को खड्डे की तरफ ले जा रहा था।

सिद्धू: सवाल अपने आपसे करो क्या वो सही था। मैंने तो लिखा हुआ पढ़ा था। वो शेर मेरा नहीं था।

खुजली: सर आप क्यों नहीं? वहां तो आपको अच्छी डील मिल जाती।

सिद्धू: अरे बरखुरदार, एक आदमी देश को अपने हिसाब से चलाना चाहता है। सिद्धू के होते ये नामुमकिन है?

खुजली: सर, ये बात को कॉग्रेस पे भी जाती है। और आज की तारीख में भाजपा पर भी। फिर क्या फर्क पड़ा?

सिद्धू: तुम नहीं समझोगे, ये मेरे पंजाब का सवाल है। भाजपा चाहती थी मैं पंजाब से दूर रहूँ और ये हो नहीं सकता।

खुजली: तो क्या इस बार आपको लगता है कांग्रेस जीत जाएगी।

सिद्धू: बादल फट चुके हैं, केजरू में पानी नहीं है। कांग्रेस के इलावा कोई विकल्प नहीं है।

खुजली: सर, कपिल शर्मा छोड़ देंगे आप?

सिद्धू: बरखुरदार, अब उसमे वो बात नहीं रही।

हँसी ले आये सिधु की, वो औकाद नहीं रही; जो हुनर राहुल गाँधी जी रखते हैं, हँसाने का, उस बन्दे में ऐसी कोई बात नहीं रही।

खुजली: तो मतलब आप वो शो छोड़ देंगे?

सिद्धू: नहीं, फ्री के पैसे कौन छोड़ता है भला?

खुजली: तो फिर पंजाब?

सिद्धू: वो कप्तान साहब देखेंगे।

खुजली: गज़ब खुजली है सर आप की भी, करना कुछ नहीं और बकचोदी करवा लो।

सुना है उसके बाद कुछ देर ठोक ठोक सुनाई दिया। फिर खुजली को देखकर ठोको ताली बोलकर सिधु चलते बने।