Thursday, 23rd November, 2017

खिचड़ी बनेगी राष्ट्रीय भोजन और देश भक्ति मापने का नया मापदंड

02, Nov 2017 By khakshar

दिल्ली- व्यंजनों का राजा खिचड़ी अब राष्ट्रीय भोजन बनने वाला हैं। सरकार ने खिचड़ी को भारतीय राष्ट्रीय भोजन के रूप में पेश करने का मन बनाया है। इसकी घोषणा गुरुनानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा के दिन की जाएगी। एक टन की सरकारी खिचड़ी भी बनाई जाएगी।

सरकार ने खिचड़ी को राष्ट्रीय पकवान बनाने का संकेत पहले हीं दे दिया था।जी एस टी, सेस और विमुद्रीकरण पर कम खिचड़ी नहीं बनाई हैं सरकार ने। सरकार ने बहुत सोच समझ कर ये कदम उठाया हैं। खिचड़ी को भारतीय राष्ट्रीय भोजन बनाने से अनेक फायदे मिलेंगे।

फ्यूज़न व्यंजन  खिचड़ी-डंप्लिंग्स (तिरंगा प्रयास)
फ्यूज़न व्यंजन  खिचड़ी-डंप्लिंग्स (तिरंगा प्रयास)

सबसे पहले तो देशभक्ति का एक मानक मिल जाएगा। अब राष्ट्र गान पर नहीं खड़े होने वाले कमज़ोर पैर, टूटा दिल के बहानो से लोग भी बच जायेंगे। देशभक्ति के सर्टिफिकेट के लिए साबित करना होगा कि आपने खिचड़ी खाई हैं। जो दिन में जितनी बार इस व्यंजन को खायेगा, उतना ही बड़ा देशभक्त कहलाएगा। खिचड़ी खाने से देशभक्ति का एक स्टैण्डर्ड माप तैयार हो जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस बैंचमार्क में थोड़ा बदलाव किया जायेगा।

दुसरा इससे समाज में एकता फैलेंगी। गरीब-अमीर का अंतर घटेगा। धर्म नाम पर बाँटने वाली “बिरयानी” भी नष्ट हो जाएगी। सरकार के इस फ़ैसले में इतिहास और शोध का भी योगदान हैं।

मुंबई- व्हाट्स एप्प पर रिसर्च से साबित हो चूका हैं कि बिरयानी एक शुद्ध शाकाहारी पकवान था। इसे बिरा रानी ने भगवेड के किले में बनाया था। वो अपने पति को खिचड़ी के अलावा कुछ नहीं खिलाती थी। बिरा रानी इस व्यंजन को ऐसा बनाती थी कि उसे खिचड़ी नहीं बोल सकते थे। मुग़ल राजाओं ने बिरा रानी को कैद कर लिया। उनके पकवान को भी ग़ुलाम बना दिया और उसका नाम बिरयानी रख दिया।

पटना- सरकार की इस फ़ैसले से गृहणियों में अपार ख़ुशी की लहर  हैं। रसोई गैस, समय और पैसे की भी बचत होगी। “न हिंग पड़ी न फ़िटकरी, खाना भी चोखा।”

हरिद्धार- सरकार के इस फ़ैसले का बाबा जी ने भी बहुत स्वागत किया। काले घने दाढ़ी के बीच से सफ़ेद मोती जैसे दाँत निकालते हुए बोले “चलो! इंस्टेंट खिचड़ी का सैचे बनाओ। घी को मत भुल जाना। देसी गाय का घी जब खिचड़ी पे गिरेगा तो देशभक्ति दुगनी हों जाएगी, स्वाद का तो पूछो ही मत….”

नए फ्यूज़न व्यंजनों की फिर से बहार आने वाली हैं। जैसे  खिचड़ी फिल्ड समोसा, लेफ्ट-ओवर खिचड़ी का मन्चूरियन, पिज़्ज़ा विथ खिचड़ी टोप्पिंग्स विथ एक्स्ट्रा चीज़ और न जाने क्या क्या। सरकार कि “क्रिएटिविटी बढ़ाओ” आंदोलन का प्रथम कदम, इन्ही जुगाड़ु पकवानो से होगा।