Sunday, 23rd April, 2017

'करें हमारा मार्गदर्शन': हारवर्ड विश्वविद्यालय ने की प्रशांत भूषण जी से अपील

07, Apr 2017 By Dharmendra Kumar

अपने हाल के संभाषण में हारवर्ड विश्वविद्यालय के २८वें और प्रथम महिला प्रेजिडेंट ने ‘बुद्धिजीवियों’ की वलुप्त हो रही प्रजाति पर खेद जताया। उन्होंने आशंका जताई के मौजूदा समाज ‘बुद्धिजीवियों’ के प्रति कम ‘वार्म’ होता जा रहा है और यह समस्या ग्लोबल वार्मिंग से भी गंभीर है. चहुँ और गैर-बुद्धिजीवी गतिविधियों की बढ़ रही शाख से निपटने का रास्ता सुझाते हुए उन्होंने दुनिया भर में फैले ‘बुद्धिजीवियों’ को एकजुट होने का आवाह्न किया।

दुनिया की किसी बड़ी समस्या पर अपनी गंभीर चिंता जताते हुए इस सदी के महान विचारक श्री प्रशांत भूषण जी
दुनिया की किसी बड़ी समस्या पर अपनी गंभीर चिंता जताते हुए इस सदी के महान विचारक श्री प्रशांत भूषण जी

अपनी प्रेस विज्ञप्ति में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, “भारत में हमेशा से ‘बुद्धिजीवियों’ की भरमार रही है और हारवर्ड हमेशा से उनकी तरफ आशा भरी नज़रों से देखता रहा है… प्रशांत भूषण जी का बुलावा इसी कड़ी का हिस्सा है.” उन्होंने आगे कहा, “हम ‘बुद्धिजीवियों’ का चुनाव उनकी नैसर्गिक प्रतिभा और उनकी कंसिस्टेंसी के आधार पर करते हैं. पिछले कई सालों से भूषण जी का काम हमने देखा है. आप पार्टी से निष्काशन के बाद से ही हमारी नज़र उनपर थी. २ अप्रैल को उनके ट्वीट ने उनके आमंत्रण को पक्का कर दिया, वह हमारे मानकों पर शत प्रतिशत खरे उतरे हैं. अब वे ही हमारा मार्गदर्शन करेंगे, उनको हमारा साधुवाद!”

यह पूछने पर की ‘अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की हारवर्ड विश्वविद्यालय की भविष्यवाणी ग़लत साबित हुई.’ तब उन्होंने उत्तर दिया, “सही ग़लत एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और आप उसे कैसे देखते हैं इसपर भी बहुत कुछ निर्भर करता है, हमने अपना काम किया है, जिसने रोटी दी उसको खुशफहमी भी न दे पाएं, इसे हम सही नहीं मानते।”

“हारवर्ड विश्वविद्यालय ने हमेशा से अलग पहचान बनाने वाले लोगों का सम्मान किया है, लीग से हटकर जीने का जो जोश प्रशांत भूषण जी में है उसके लिए हारवर्ड हमेशा उनका आभारी रहेगा।”

प्रशांत भूषण जी से हमारा संपर्क, रिपोर्ट छापने तक नहीं हो पाया। बार-बार फ़ोन “यह लाइन व्यस्त है… ” कह कर कट जाता रहा. आशा है वे खुश होंगे।