Wednesday, 18th October, 2017

कन्हैया कुमार के कम्युनल ताकतों से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले: सेक्युलर पार्टियों ने अपने को कन्हैया से अलग किया

04, Apr 2016 By visshu

२ अप्रैल, नई दिल्ली। एक बेहद चौंका देने वाली ख़बर सामने आई है जिसके मुताबिक जे. एन. यू के छात्र नेता और पिछले कुछ दिनों में सेक्युलर पार्टियों के यूथ आइकन बन कर उभरे कन्हैया कुमार के तार विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले है. इस खबर के आने के बाद सभी सेक्युलर पार्टियों में आपात बैठक बुला कर कन्हैया कुमार से पीछा छुड़ाने की होड़ मच गयी है.

विश्व हिंदू परिषद के अंडर कवर एजेंट: कम्यूनल कन्हैया कुमार
विश्व हिंदू परिषद के अंडर कवर एजेंट: कम्यूनल कन्हैया कुमार

इस बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है दिल्ली के ही रहने वाले जनाब सेक्युलर फ़िरोज़ अंथोनी इश्विंदर (एस. एफ. ए. आई.) ने. जब हमारे संवाददाता ने उनसे इस खुलासे के बारे में बात की तोह उन्होंने बताया कि वोह कन्हैया कुमार के विचारों से काफी प्रभावित हुए थे और जेल से छूटने के बाद कन्हैया द्वारा दिए गए भाषण और आज़ादी वाले नारे ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि कन्हैया के आज़ादी वाले नारे को अपना कॉलर ट्यून बन लिया। जनाब एस. एफ. ए. आई. के मुताबिक जब भी वो रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में असहिश्रुता महसूस करते वो अपने मोबाइल में सेव कन्हैया कुमार के आज़ादी के नारे को सुन लेते किन्तु कल एक अप्रैल को जो हुआ उसने उनकी आँखें खोल दी. एस. एफ. ए. आई. के मोहल्ले में बने एक माता के मंदिर में कुछ मत के जयकारे लग रहे थे- “ज़ोर से बोलो जय माता की। मैं नि सुनिया जय माता की… आवाज़ नि आई जय माता की”. इन्ही जयकारों के बीच जब एस. एफ. ए. आई. के मोबाइल पर किसी का कॉल आया तोह उनके होश उड़द गए. कन्हैया कुमार के, “हमे चाहिए आज़ादी… ढेर सारी चीज़ों से आज़ादी.. “और ‘ज़ोर से बोलो जय मत की.. सारे बोलो जय मत की” दोनों नारों की लय और ताल एक ही है. इससे साफ़ होते है कि कन्हैया कुमार को अपने नारे की प्रेरणा इसी “जय माता की” नारे से मिली है और इससे यह भी साफ़ होता है की वो ऐसी गतिविधियों में पहले सम्मिलित रहा है जिसमे ऐसे यह नारा लगता रहे हैं.

इस खुलासे पर जब हमने विभिन्न सेक्युलर पार्टियों से बात करने की कोशिश की तोह कांग्रेस का कहना था कि उनकी पार्टी ने कभी कन्हैया कुमार को यूथ आइकन नहीं मन उनका युथ आइकन एक ही था और एक ही रागा (RaGa)। आम आदमी पार्टी ने किसी भी तरह के बयान देने से इंकार कर दिया और कहा कि पार्टी पहले आशीष खेतान के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित करके जांच करेगी कि कन्हैया कुमार के साथ रहने में फायदा है या पीछा छुड़ाने में उसके बाद ही कोई बयान जारी करेगी। बंगाल चुनावों के चलते लेफ्ट पार्टियों का कोई नेता दिल्ली में ना होने के कारण उनका मत नहीं मिल सका है.

अब ये देखना रोचक होगा कि कन्हैया कुमार पर स्नेह की बरखा करने वाले लोग जब अपने राजदीप को बुझने से बचने के लिए उनसे किनारा कर लेंगे तो कन्हैया कुमार की आगे की रणनीति क्या होगी.