Wednesday, 22nd November, 2017

काग़ज़ीपुर (यूपी) में परचा भरते ही चुनाव उम्मीदवार की पिटाई

15, Feb 2017 By khakshar
हुमारे दावे का सबूत
हमारे दावे का सबूत

काग़ज़ीपुर (यूपी): बड़कु पाण्डेय काग़ज़ीपुर इलाके के दबंग आदमी हैं। शहर में परिवार की काफ़ी इज़्ज़त भी हैं। थाने में उनके नाम पर कुछ मामले भी लटके पड़े हैं। इतना सब जानकर एक छोटी पार्टी ने उन्हें चुनाव का टिकट दे दिया हैं। बड़कु जी बाजे-गाजे के साथ नामांकन का परचा भी भर आए। गज़ब तो उनके घर लौटने पर हुआ। घर लौटते हीं उनके पिताजी, दोनों भाई मंझलु और छुट्टन पाण्डेय तथा उनकी पत्नी ने उनका भरपुर स्वागत किया। तरह-तरह के औजारों से बड़कु जी की सुताई हुई। पिताजी दस जूते मारते और गिनते थे एक। बड़कु जी को समझ में नहीं आया कि ये उम्र के कारण भूल रहे हैं या मुहावरा को सही साबित करने के लिए।

हद तो तब हो गयी जब उनकी पत्नी चिल्लायी “देखो छुट्टनवा, पीठ के नीचे बायीं तरफ़ बचा हुआ हैं, पूरा अच्छी तरह लाल करो। कोई कसर नहीं बाकी रहनी चाहिए। बड़कु जी के बच्चे, भतीजे-भतीजियाँ कुटाई के औजार-जुगाड़ में लगे हुए थे, बीच-बीच में ताली भी बजा देते थे।

जब सब मार के थक गए तो बड़कु पाण्डेय ने अपना कुसूर पुछा। पत्नी दोबारा भड़क गई। “हमें सब पता हैं, तुम्हारा प्लान क्या हैं। हमें  तो पहले से तुमपे शक था।बहुत फुसफुसाते हो मोबाइल पे। हम  में से एक को टपकाने का इरादा किए हो। बड़कु पाण्डेय को अपने आरती कुछ कारण समझ नहीं आ रहा था। पिताजी ने आखिर बता दिया। खुर्जा में एक उम्मीदवार ने एक दोस्त के साथ मिलकर अपने हीं परिवार के एक सदस्य की हत्या कर डाली हैं, सहानुभूति वोट पाने के लिए

ऐसी खबरें राज्य के विभिन्न हिस्सों से आ रही हैं। रिपोर्ट तैय्यार होने तक ये पता नहीं चला हैं कि यूपी में ऐसे कितने उम्मीदवार हैं जिनकी, उनके परिवार वालों ने आरती उतारी हैं।