Friday, 20th October, 2017

कामचोरी को मिला विकलांगता का दर्जा, आलसियों में खुशी की लहर

22, Mar 2016 By Chandra Prakash

सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कामचोरी को विकलांगता का दर्जा दे दिया है। इस बारे में प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही अब कामचोर और आलसी किस्म के लोग विकलांगता कोटे के तहत मिलने वाले फायदे ले सकेंगे। इस फैसले पर खुशी जताते हुए राष्ट्रीय कामचोर एवं आलसी महासंघ के अध्यक्ष रामभरोसे प्रसाद ने कहा कि अब अपने आलसीपने के कारण सामाजित तिरस्कार का शिकार बन रहे लोगों को उनका वाजिब हक़ मिल सकेगा। साथ ही रोज-रोज मां-बाप से ‘नालायक’ और ‘निकम्मा’ जैसे शब्द सुनने वाले विद्यार्थियों को कुछ राहत मिलेगी।

रामभरोसे प्रसाद का कहना है कि ये उनकी पहली जीत है। असली जीत उस दिन मानी जाएगी जब सरकार कामचोर और आलसी लोगों को उनके घर पर जाकर नौकरी दे और उनके साथ कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करे कि आगे उन्हें दफ्तर में आने और काम करने के लिए कोई दबाव नहीं डाला जाएगा।

सरकार के इस कदम से सबसे ज्यादा खुशी उन बेरोजगार युवाओं में देखनी जा रही है जो अपनी कामचोरी और आलसीपन के कारण नौकरियों की एप्लिकेशन तक नहीं भर पाते थे। उनकी मांग है कि सरकार को एक राष्ट्रीय कामचोर और आलसी आयोग का गठन करना चाहिए। आयोग की ही जिम्मेदारी होगी कि कामचोरों के अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करे।

उधर, विकलांग कोटे में अब तक आने वालों ने इसका भारी विरोध किया है। उनका आरोप है कि सरकार के अंदर कामचोर और आलसी लोगों की मजबूत लॉबी है। उसने ही अपने लोगों को फायदा पहुंचाने की नीयत से यह फैसला लिया है।