Friday, 15th December, 2017

जे एन यू में हैंडपंप ले कर घुसे सनी देओल, कैंपस से बचे हुए स्टूडेंट्स भी फरार

18, Feb 2016 By Nilesh Pratap Singh

नई दिल्ली. जे एन यू में आजकल चल रही राजनीति में अचानक क्रांतिकारी बदलाव आ गया. जो छात्र और फैकल्टी मेम्बर पुलिस से भी नहीं डर रहे थे कल अचानक कैंपस से गायब हो गए. हुआ यूँ की वक़ीलों से बुरी तरह पिटने के बाद विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेम्बर्स और स्टूडेंट्स कैंपस में ही सभा कर रहे थे. सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था और हर 10 सेकंड्स बाद परिसर शेम शेम के नारों से गुंजायमान हो रहा था कि तभी अचानक कहीं से गरजती हुयी आवाज़ आई की ‘अशरफ अली को घर में घुस कर मारा था, हाफिज सईद को भी घर में घुस कर मारेंगे’.

ये सुन कर स्टूडेंट्स और फैकल्टी मेम्बर्स ने समझा की शायद वकील अब कोर्ट छोड़कर उनके पीछे पीछे यहाँ तक आ गए हैं. इस पर मार से पहले ही अधमरे हो रहे अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर हुतात्मा राम ने हुंकार भरते हुए छात्रों से कहा ‘अब हमारी बारी है, अब वक़्त आ गया है की जो पत्थर उन्होंने हम पर फेंके अब उन्हें वापस उन पर फेंका जाए’ इसी के साथ शेम शेम की आवाज़ से धरती गूँज गयी. और कुछ स्टूडेंट्स ‘भारत के टुकड़े होंगे, इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह’ चिल्लाते हुए गेट की तरफ भागे और उनके पीछे पीछे लंगडाते हुए पत्रकार भी.

सनी के हैंडपंप को चेक करता एक स्टूडेंट
सनी के हैंडपंप को चेक करता एक स्टूडेंट

गौरतलब है की अपनी तेजतर्रारी और फेकिंग न्यूज़ की ट्रेनिग की वजह से कोर्ट में पिटने वालों में फेकिंग न्यूज़ का कोई भी पत्रकार नहीं था. इसीलिए निडर पत्रकारिता और सच सामने लाने की ज़िद की वजह से फेकिंग न्यूज़ संवाददाता चालाक ठाकुर कैंपस में ही स्टूडेंट बन कर घूम रहे थे. उनके अनुसार जैसे ही छात्र गेट के पास पहुंचे एकदम से गरजती हुयी सी आवाज़ आई की ‘हिन्दुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है, जिंदाबाद रहेगा,’ और अचानक से तारा सिंह, तारा सिंह का शोर मचने लगा और देखते ही देखते कैंपस ऐसे खाली हो गया जैसे वहां कोई था ही नहीं. पुलिस के एक सिपाही ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की ‘काला कुरता पहने एक स्टूडेंट जो की तीन दिन से बिना नहाये कैंपस में ही घूम रहा था तारा सिंह का नाम सुनते ही वो भी भागा और जब मैंने उसे रोकने की कोशिश की तो रोने लगा और मुझे मेरे बच्चों का वास्ता देने लगा तो फिर मैंने उसे जाने दिया. अब तो लग ही नहीं रहा की यहाँ कोई था भी’.

उधर फेकिंग न्यूज़ ने जब पुलिस कस्टडी में सनी देओल से बात की तो उन्होंने बताया की घायल वन्स अगेन हिट होने के बाद भी उनके पास अभी तक किसी डायरेक्टर या प्रोडूसर का फ़ोन नहीं आया तो कल बॉबी उनके पास आया और कहा की भैया इस एक फिल्म के भरोसे कब तक घर चल पायेगा. अगला सेशन भी शुरू होने वाला है बच्चों की फीस भी जानी है. तब मैंने सोचा की अब ‘ग़दर दोबारा’ बनानी पड़ेगी. फिर प्यार से अपने हैंडपंप, जो की उनके पास ही रखा था, पर हाथ फेरते हुए बोले की पिछली बार तो मैडम जी थी तो उन्हें पकिस्तान से ले आया था. अबकी मैंने सोचा की कन्हैया को पकिस्तान छोड़ आता हूँ और मौका मिला तो उधर से मुन्नी को वापस ले आऊंगा.

वहीँ दूसरी तरफ राहुल गांधी ने इसे भाजपा की घटिया हरकत बताया और कहा की राजनैतिक मसले राजनीती से ही निपटने चाहिए. अगर उनके पास ढाई किलो का हाथ है तो मेरे पास भी छोटा भीम है.

फेकिंग न्यूज़ ने जब जे एन यू स्टूडेंट्स और फैकल्टी मेम्बर्स से बात करने की कोशिश की तो सबने मुंह खोलने से मना कर दिया और जब तक सनी देओल को वापस मुंबई नहीं भेजा जाता तब तक विश्वविद्यालय को शट डाउन करने की मार्मिक अपील की.