Monday, 23rd October, 2017

जल्द ही WhatsApp आपसे वसूलेगा शुल्क एवं UPI द्वारे आप कर पाएँगे भुगतान

21, Aug 2017 By Divyajyoti Shrivastav

गत वर्ष 2014 में फेसबुक के निर्माणकर्ता मार्क जकरबर्ग ने whatsapp को 19 अरब डॉलर मे खरीदा था। गौर करने वाली बात यह थी कि whatsapp अपनी सेवाओं के एवज में अपने किसी यूजर से कोई शुल्क चार्ज नहीं करता हैं। इसलिए फेसबुक के शेयर धारकों इतने मेहँगे खरीद पर सवाल उठाते रहे है। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि Whatsapp पर भी कई समय से जकरबर्ग ने मोनीटाईझेशन के लिए दबाव बनाया हुआ था। अंतत Whatsapp अब अपने 1 अरब यूजर्स से जल्द ही शुल्क चार्ज करना सुरू करने वाले है।

UPI वाले Whatsapp वर्जन  के इंस्टॉल होने के बाद सभी whatsapp यूजर्स को अपने बैंक खाते के साथ whatsapp को लिंक करना अनिवार्य हो जाएँगा। इस सुविधा का लाभ आप ऑनलाइन चीज़े खरीदने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं । इसमे एक ‘auto-deduct’ फिचर भी होगा।

लोगों में बढ़ता आक्रोश
लोगों में बढ़ता आक्रोश

हमारे विश्वसनीय सूत्रो से ये भी पता चला है कि एक बार आपका बैंक खाता लिंक होने के बाद Whatsapp हर ‘फॉरवर्ड’ बटन के इस्तेमाल एवं जीतने लोगो की संख्या को आपकी ओर से फॉरवर्ड किया जा रहा हैं, ईन सब की कुल राशी आपके बैंक खाते में से तुरंत काट लिए जाएँगे। आपको आपके whatsapp मे एक नए सेक्शन मे ईन सब ट्रानझाक्शन की रसीद भी लागू की जाएँगी। हर ट्रानझाक्शन पर टेलीकॉम सैक्टर par लागू होने वाले 18 प्रतिशत GST के लागू होने की बात भी कही जा रही हैं । कुछ beta यूजर्स के माध्यम से हमें यह भी पता चला है के हर फॉरवर्ड पर Whatsapp ₹1 वसूल कर रहा है । इस ₹1 मे GST भी समाविष्ट है। सूत्रों से यह भी पता चला है कि अगर आप ग्रुप में फॉरवर्ड करते हैं तो उस ग्रुप के कुल मिलाकर जो भी यूजर्स की संख्या होती है उतने पैसे आपके बैंक खाते से काट लिए जाएँगे।

उदहारण के तौर पर मान लीजिए आपने एक फॉरवर्ड अपने किसी एक मित्र को भेजा तो आपके बैंक खाते से एक रुपया निकाल लिया जाएगा। अगर आपने एक फॉरवर्ड अपने दो मित्रो को भेजा तो आपके बैंक खाते में से दो रुपये निकाल लिए जाएँगे। और अगर आप एक फॉरवर्ड दो ग्रुप मे भेजते जिनमे से पहले ग्रुप में दस सदस्य हैं और दूसरे ग्रुप में 50 सदस्य है तो आपके बैंक खाते में से 60 रुपये निकाल लिए जाएँगे। जानकारों से यह भी पता चला है कि यह शुल्क सिर्फ फॉरवर्ड बटन के इस्तेमाल पर ही होगा, अगर आप message टाइप कर भेजते हैं तो आपसे कोई शुल्क नहीं वसूला जाएँगा।

उल्लेखनीय बात यह है कि आये दिन whatsapp पर फॉरवर्ड के माध्यम से हो रहे दुष्प्रचार को देखते हुए भारत सरकार ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी देने पेे विचार कर रही है। जानकारों का कहना है कि हर ट्रानझाक्शन के साथ मिलने वाली रसीद को एक special id दिया जाएगा, इस ID से फॉरवर्ड किस नंबर से किस नंबर पे भेजा गया है यह पता चल पाएगा। इससे प्राइवेसी का उल्लंघन भी नहीं होगा क्यूंकि आपके भेजे गए फॉरवर्ड का कंटेंट शेयर नहीं होंगा सिर्फ़ id शेयर कि जाएगी। इनका लेखा – जोखा भी whatsapp सरकार को मुहैया करा सकता हैं।

इस ख़बर को सुन कर सारे whatsapp यूजर्स मे हड़कंप मच गया है। खासकर वे यूजर्स जो अपना अधिकांश समय whatapp पर अपने मित्रों और परिवारजनों को फॉरवर्ड करने में व्यतीत करते है।

यह अभिव्यक्तिता की स्वतंत्रता पर शुल्क लगाकर इसे दबाने की कोशिश है!