Monday, 23rd October, 2017

जानिये क्या है वो १० वजह "भारत माता की जय" न बोलने के पीछे?

11, Apr 2016 By Pushpendra Singh

पिछले कई दिनों से देश में “भारत मात की जय” बोलने को लेकर लगातार विवाद बना हुआ है, इसी कड़ी में हमारी सिकुलर प्रोग्रेसिव ताकतों ने ये समझने का प्रयास किया की आखिर नारा न लगाने की क्या क्या वजह हो सकती है, आखिर क्यों कुछ लोग भारत माता की जय बोलने से परहेज़ करना चाहते है? नतीजे बहुत चौंकाने वाले नहीं है, और यदि थोड़ा भी उलटे ढंग से सोचा जाए तो हम उन लोगो की मुश्किलों को समझ सकते है| तो आइये देखते है क्या है वो 10 कारण-

1) मौन व्रत: जी हां ये कुछ चौंकाने वाले आकंड़े है, दरअसल 90% लोग मौन व्रत वाले दिन भारत माता की जय नहीं बोल पाते| पर इसमें भी अपवाद स्वरुप कुछ सैनिक जवान, संघी तत्त्व है जो आदत से मजबूर होकर उस दिन भी भारत माता की जय बोल पड़ते है| तो यदि आपका मौन व्रत है तो बहुत कम सम्भावना है की आप भारत माता की जय बोलेंगे|

2)  क्युकी उनके टूथपेस्ट में नमक नहीं है! वैसे ये भी एक विडम्बना ही है की दांडी के नमक सत्याग्रह के 86 वर्ष बाद भी आज करोडो लोगो के टूथपेस्ट में नमक नहीं है और टूथपेस्ट में नमक न होना दांत दर्द का प्रमुख कारण माना जाता है| एक स्टडी में पाया गया है की यदि व्यक्ति के दांतों में असहनीय दर्द हो रहा हो तो वह भारत माता की जय नहीं बोल पाता|

तो यदि अगली बार कोई भारत माता की जय बोलने से मना करे तो उससे सहानुभूतिपूर्वक पूंछे की “क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है?”

3) मुंह में दही जमा के रखते है: हमारे पास कोई ठोस आकंड़ा तो नहीं है पर कुछ लोग ऐसे भी है जो किसी भी देश हित की बात आने पर अपने मुंह में दही जमा लेते है| ऐसी स्थिति में भारत माता की जय बोल पाना काफी कठिन हो जाता है| बाद में वो इस दही का क्या करते है ये अभी भी रहस्य ही बना हुआ है , पर कुछ लोगो का आरोप है की इसी दही की बाद में गैरकानूनी रूप से अरब और खाड़ी देशो में तस्करी की जाती है|

4) क्यों की न्यूटन का तीसरा नियम कहता है..: जी हाँ न्यूटन का तीसरा नियम कहता है की हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है| तो यदि संघ कहता है की भारत माता की जय बोलिए तो काफी लोगो पर इसका विपरीत असर होता है| ऐसे लोगो को डिफरेंटली एबल्ड कहा जाता है और हमें इनके साथ थोड़ा अलग व्यवहार करने की ज़रूरत है| एक अध्यन के मुताबिक़ यदि संघ सुप्रीमो मोहन भागवत इन्हे भारत माता की जय बोलने से मना करेंगे तो ये भारत माता की आरती गाना शुरू कर देंगे|

5)  क्युकी ये कूल नहीं है: नेचर मैगज़ीन में छपे एक लेख में बताया गया है की भारत माता की जय बोलने से  शरीर में गर्मजोशी और खून में उबाल आ जाता है| ऐसी स्थिति में ठन्डे खून वाले प्राणी (कोल्ड ब्लडेड एनिमल्स) जैसे सांप, मेंढक, मगरमच्छ और कूल डूडस को ऐसे नारो से दूर रहने की सलाह दी जाती है|

6) इससे कौशल्या माता की भावनाएं आहत होती है: ये थोड़ा विचित्र कारण है किन्तु कुछ रूढ़िवादी लोग ये मानते है की भारत माता की जय बोलना यानि भरत की माँ कैकयी की जय बोलना है जिससे की माता कौशल्या की भावनाएं आहत हो सकती है| पाठको को विदित हो की माता कौशल्या के पुत्रों को जंगल में भेजने के पीछे कैकयी का बड़ा हाथ था|

7) क्युकी वो क्लोज़अप नहीं करते है: एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ ऐसे लोग जो भारत माता की जय बोलने में असमर्थ है उनमे से 40% लोग क्लोज़अप नहीं करते है| अपनी पहचान उजागर न करने की शर्त पर JNU के विजय कुमार (परिवर्तित नाम और धर्म ) ने बताया की ये बहुत ही प्रैक्टिकल रीज़न है| दरअसल उनके मित्र अक्सर शिकायत करते है की जब भी वो “आज़ादी-आज़ादी” चिल्लाते है तो उनके मुंह से बहुत दुर्गन्ध आती है, ऐसी स्थिति में भारत माता की जय बोलना तो और भी जोखिम भरा हो जाता है|

यदि उनकी माने तो वो केवल “भारत माता” बोलने को तो तैयार है पर “जय” बोलने पर मुंह से सबसे ज़्यादा हवा निकलेगी और इससे उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है| इसलिए देशभक्तो से अपील है की वे उनकी मजबूरी को समझे और उनके साथ सहानुभूति भरा व्यवहार करे|

8) क्योंकि वो कानपुर से है: जी हाँ यदि आप कानपूर से है तो 9०% सम्भावना है की आप के मुंह में गुटखा है और आप ऐसी स्थिति में भारत माता की जय बोलकर सामने वाले का थोबड़ा रंगीन करना पसंद नहीं करेंगे| ऐसी स्थिति में ये लोग चुप रहना ही पसंद करते है| हमें इनकी चुप्पी का सम्मान करना चाहिए|

10) क्युकी चीता भी पीता है: “चीता के भी पीने” और “भारत माता की जय ना बोलना” के बीच में क्या सम्बन्ध है ये तो हमें भी नहीं पता पर कारणों की गिनती 10 पूरी करने के उद्देश्य से ये वाला बिंदु बहुत ही अनिवार्य हो जाता है|

क्या कहा? ये पुरे 10 कारण नहीं है? तो सबसे पहले तो आपका बहुत बहुत धन्यवाद इतने लम्बे आर्टिकल को ध्यान पूर्वक पढ़ने के लिए और यदि आप वो मिसिंग पॉइंट खुद से सोच पाए तो कृपया कमेंट करके हमें बताइए| आपके इस योगदान से देश में पनप रहे उग्र राष्ट्रवाद से लड़ने में हमारी प्रोग्रेसिव एवं सिकुलर ताकतों को बहुत मदद मिलेगी | जय युधिष्ठिर ! जय नकुल-सहदेव  !

(reporter can be found on Twitter at @raghav_uvaach)

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