Tuesday, 23rd May, 2017

I.T कंपनी में काम कर रहे कर्मचारी ने कहा "रूपया के साथ साथ अब सिक्का भी बदलो"

27, Nov 2016 By ANKIT SHARMA

अपने एक बयान में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा था “नोट नहीं बल्कि प्रधानमंत्री बदलो”| इस तर्ज पर एक I.T. कंपनी में काम कर रहे कर्मचारी का कहना है “रूपया के साथ साथ अब सिक्का भी बदलो”|

A.T.M और बैंक की लंबी लाइन में जूझ रहे अपने कर्मचारियों को राहत देने के लिए देश की दो बड़ी आईटी कंपनी Infosis और B.C.S ने प्रोजेक्ट “A.T.M” शुरू किया है| इस प्रोजेक्ट की तहत कंपनी की बेंच पर बैठे कर्मचारी पहले से प्रोजेक्ट में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए A.T.M से पैसे निकालेंगे|

Infosis के C.E.O डॉ सिक्का का कहना है “हमारी शून्य बेंच नीति के तहत A.T.M प्रोजेक्ट से बेंच पर बैठे कर्मचारियों को कुछ नया सीखने का मौका मिलेगा, साथ ही साथ पहले से किसी और प्रोजेक्ट में काम कर कर्मचारियों का समय भी बचेगा, जो वो लोग ऑटोमेशन करने में उपयोग कर सकते है“|

अपने एक बयान में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा था "नोट नहीं बल्कि प्रधानमंत्री बदलो"| इस तर्ज पर एक I.T. कंपनी में काम कर रहे कर्मचारी का कहना है "रूपया के साथ साथ अब सिक्का भी बदलो"|
अपने एक बयान में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा था “नोट नहीं बल्कि प्रधानमंत्री बदलो”| इस तर्ज पर एक I.T. कंपनी में काम कर रहे कर्मचारी का कहना है “रूपया के साथ साथ अब सिक्का भी बदलो”|

B.C.S के रोहित श्रीवास्तव A.T.M प्रोजेक्ट के मिलने से काफी दुखी है| उनका कहना है, “मैं पिछले दो साल से बेंच पर कैट की तैयारी कर रहा हूँ, अगले महीने मेरी कैट की परीक्षा है| अचानक मुझे H.R का फ़ोन आता है और मुझे वो मिलने के लिए बुलाती है| जब मैं H.R के पास गया तो उसने मुझे 20 A.T.M कार्ड और एक पर्ची (जिस पर सब एटीएम का पासवर्ड लिखा था) मुझे पकड़ा दिया और सब से 2500 रुपये निकाल कर लाने को कहा| अगर सब फालतू लोगो को A.T.M प्रोजेक्ट मिल रहा है तो सबसे पहले ये प्रोजेक्ट H.R लोगो को मिलना चाइये”|

Infosis के नीलकंठ इस प्रोजेक्ट से काफी खुश है क्योंकि उन्होंने 3 दिन A.T.M की लाइन में खड़े खड़े 3 गर्लफ्रेंड बना ली| उनका कहना है “रुपये के साथ साथ अब सिक्का भी बदला जाना चाइये”| HR कल्पना का कहना है “हमे भरोसा है महीने का आखरी समय चल रहा है और हमारे किसी भी कर्मचारियों के अकाउंट में 3-4 हज़ार से ज्यादा रुपये नहीं होंगे| इसलिए किसी का  पासवर्ड किसी और को बताने में कोई नुकसान नही है”|

इस प्रोजेक्ट से आम जनता को भी  काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है| वॉचमैन कैलाश का कहना है, “Infosis और B.C.S के बेंच के कर्मचारियों के A.T.M की लाइन में खड़े होने से रोज़ उम्मीद से दुगनी लाइन हो जाती है, वो लोग एक साथ १० कार्ड्स लाते है और मैं कभी पैसे नही निकाल  पाता”|